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सर्दियों में कोलकाता के प्रदूषण को नियंत्रित करेगी ऑटोमेटिक सफाई मशीन, झाड़ू लगाने से लेकर उठाएंगी कचरा तक

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए KMC ने स्व-चालित सफाई मशीन के लिए 100 करोड़ रुपए का आवंटन किया है।

By Moumita Bhattacharya

Feb 14, 2026 17:13 IST

हर साल सर्दियों के मौसम में कोलकाता में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने और वायु की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की जाती है। कई बार प्रदूषण का स्तर इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि मानो महानगरवासियों का दम ही घुट रहा हो। अब इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए कोलकाता नगर निगम (KMC) में विशेष उपाय निकाला है।

सर्दियों के मौसम में प्रदूषण की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए KMC के अपशिष्ट प्रबंधन विभाग ने स्व-चालित सफाई मशीन खरीदने की योजना बनायी है। इसके लिए KMC के बजट में ₹100 करोड़ का आवंटन भी किया गया है। पर क्या काम करेगी यह मशीन और इससे कैसे मिलेगा फायदा?

TOI की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए KMC ने स्व-चालित सफाई मशीन के लिए 100 करोड़ रुपए का आवंटन किया है। इसमें बैटरी से चलने वाली सफाई मशीन होगी जिसमें गंदगी को खींचने के साथ-साथ सड़कों पर पानी का छिड़काव करने की सुविधा भी मौजूद होगी।

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बताया जाता है कि स्व-चालित सफाई मशीन के इस्तेमाल से भीड़भाड़ वाली सड़कों पर धूल व गंदगी को कम करने में मदद तो मिलेगी ही साथ ही पलती गलियों की सफाई भी अच्छी तरह से की जा सकेगी। KMC ने अब तक 20 ऐसी स्व-चालित मशीन खरीद ली है और लगभग 20 मशीन चालित सफाई मशीनों का ऑर्डर दिया जा चुका है।

KMC के एक अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि शुरुआत में 16 बोरो के लिए ऐसी 20 मशीनों को खरीदा गया था लेकिन अब कई और को खरीदने की जरूरत महसूस हो रही है।

उक्त अधिकारी ने बताया कि बड़े आकार वाले स्व-चालित सफाई मशीनों को उन इलाकों में काम पर लगाया जाएगा जहां सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया जाता है जैसे BT रोड, श्यामबाजार 5 प्वाएंट्स, एपीसी रॉय रोड, सेंट्रल एविन्यू, जवाहर लाल नेहरु रोड, पार्क स्ट्रीट, कैमक स्ट्रीट, आशुतोष मुखर्जी रोड, हाजरा रोड, रासबिहारी, गड़ियाहाट, डीएच रोड और जादवपुर।

वहीं इलेक्ट्रीक मेकैनिकल मशीन की आवश्यकता के बारे में बताते हुए उक्त अधिकारी ने कहा कि कोलकाता की कई गलियों और रास्तों को रोड-स्वीपिंग मशीन के माध्यम से साफ करना संभव नहीं हो पाता है। इन जगहों को सफाई कर्मियों को ही झाड़ु आदि से साफ करना पड़ता है जिसकी वजह से कई बार गंदगी रह जाती है और इसका असर आम जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि मार्केट, पार्क और बस स्टॉप जैसी जगहों पर कचरा खींच लेने वाली मशीनें ही बेहतर तरीके से काम करेंगी।

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