विधानसभा चुनाव 2026 से पहले ही पश्चिम बंगाल की 5 सीटों पर राज्यसभा चुनाव होने की संभावना है। 2 अप्रैल 2026 को तृणमूल के वर्तमान राज्यसभा सांसद सुब्रत बख्शी, ऋतव्रत बंद्योपाध्याय, साकेत गोखले की मियाद खत्म हो रही है। उसी दिन सीपीएम के राज्यसभा सांसद विकास भट्टाचार्य की मियाद भी खत्म हो रही है।
इसके साथ ही राज्यसभा सांसद के तौर पर पार्टी बदल चुकी मौसम बेनजीर नूर की मियाद भी खत्म होने वाली थी लेकिन पार्टी बदलते समय उन्होंने सांसद पद से इस्तिफा दे दिया था। तृणमूल नेताओं का मानना है कि इन पांचों राज्यसभा सीटों पर मार्च में ही चुनाव हो सकते हैं।
सीटों का बंटवारा
17वें विधानसभा में पार्टी के आधार पर विधायकों की जो संख्या है, उसमें 5 सीटों में से 4 सीटें ही तृणमूल की झोली में जानी चाहिए। इसमें से एक सीट भाजपा को मिल सकती है। चूंकि विधानसभा में वाम विधायकों की संख्या शून्य है, इसलिए राज्यसभा में भी अब उनका कोई प्रतिनिधि नहीं होगा। वर्तमान में राज्य विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 294 है।
हालांकि ऐसा कई बार होता है कि किसी विधायक की मौत हो जाने या बीमार पड़ने की वजह से चुनाव में सभी 294 विधायक हिस्सा नहीं ले पाते हैं। ऐसी स्थिति में अगर पश्चिम बंगाल विधानसभा से राज्यसभा की हर एक सीट को जीतने के लिए कम से कम 47-49 वोटों की जरूरत है। इस हिसाब से ही कहा जा सकता है कि तृणमूल राज्यसभा की 4 सीटों पर कब्जा करने वाली है और भाजपा के हिस्से में एक सीट आएगी।
तृणमूल से किसे मिलेगा टिकट?
राज्यसभा चुनाव का टिकट किसे दिया जाएगा इसे लेकर दोनों खेमों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। मौसम नूर तृणमूल छोड़कर कांग्रेस में वापस चली गयी हैं, जिसके बाद यह तय हो गया है कि राज्यसभा में एक नया चेहरा देखने को मिलेगा। वहीं तृणमूल के ही एक नेता ने बाकी समीकरण के बारे में बात करते हुए कहा कि सुब्रत बख्शी की उम्र हो गयी है। उन्हें कई तरह की शारीरिक समस्याएं भी हैं। वह शायद अब रिटायरमेंट लेना चाहेंगे।
अगर पार्टी उनको रिटायरमेंट देती है तो उनकी जगह पर भी कोई नया चेहरा राज्यसभा में जाएगा। मौसम नूर की जगह पर भी अल्पसंख्यक समुदाय से ही किसी को टिकट दिया जा सकता है। तृणमूल के संसदीय दल के एक अन्य सदस्य का कहना है कि ऋतव्रत बंद्योपाध्याय और साकेत गोखले को 6 सालों की पूर्ण मियाद नहीं मिली थी। वर्ष 2023 में लुईजिन्हो फेलेयरो की जगह साकेत बंद्योपाध्याय राज्यसभा में गए थे और 2024 के दिसंबर में जवाहर सरकार की जगह ऋतव्रत को भेजा गया था।
दोनों ने राज्यसभा में अच्छा परफॉर्म भी किया है। अगर फिर से दोनों को टिकट मिलता है तो इसमें चौंकने वाली कोई बात न होगी। हालांकि उक्त नेताओं का यह भी कहना है कि इस बारे में अंतिम फैसला ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ही लेंगे।
भाजपा से कौन जाएगा राज्यसभा?
भाजपा की एक सीट पर कौन राज्यसभा में जाएगा इसे लेकर भी भगवा खेमे में चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। प्रदेश भाजपा से राज्यसभा में वर्तमान में शमीक भट्टाचार्य और नगेंद्र राय (अनंत महाराज) सांसद हैं। भाजपा में फिलहाल कई नामों की चर्चाएं हो रही हैं जिसमें अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा, बालुरघाट के विधायक व अर्थशास्त्री अशोक लाहिड़ी के नाम शामिल है।
भाजपा के एक प्रमुख नेता का कहना है कि इसके अलावा भी अगर किसी प्रभावशाली नेता को राज्यसभा में भेजा जाता है, तो हैरत की बात नहीं होगी। बताया जाता है कि इससे पहले वह सांसद भी रह चुके हैं।