सदीनामा पत्रिका और चर्च ऑफ क्राइस्ट द किंग के तत्वावधान में "गजलों की एक शाम" का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य गजल विधा को ज्यादा से ज्यादा श्रोताओं तक पहुंचाना। चर्च के फादर सुनील रोजेरियो ने कार्यक्रम का आरंभ करते हुए जगजीत सिंह की गजल "बात निकली तो दूर तलक जायेगी " श्रोताओं को सुना कर अभिभूत कर दिया।
गायक संजय रोजेरियों ने, "कौन आएगा यहां, कोई न आया होगा।" तथा गायक एंटोनी गोम्स ने, "होश वालों को खबर क्या बेखुदी क्या चीज है।" सुना कर शाम को संगीतमय कर दिया।
thewake.in पोर्टल की सम्पादक शकुन त्रिवेदी ने पत्रिका की समीक्षात्मक टिप्पणी करते हुए सुझाव दिया कि अगर भविष्य में फिर कभी गजल विशेषांक निकालने का प्रयास किया जाये तो नए गजलकारों के साथ - साथ पुराने प्रसिद्ध गजलकारों के जीवन परिचय के साथ उनकी रचनाओं को भी स्थान दिया जाये।
हीरा लाल साव ने पढ़ा, गले तक सफेद चादर थी किंतु दिल तो अंदर से काले थे, जब कहने का सही समय था, जुबां पर ताले थे।
रीना पांडे ने कहा, गजल शब्द का अर्थ उसकी रूह को समझना, गजल मतलब अंतर के दर्द को व्यक्त करना।
रचना सरन ने बात से अपनी मुकर जाना मुनासिब नहीं अपनी गजल सुनाई। एवं सदीनामा पत्रिका में प्रकशित अशोक अंजुम जी की गजल का पाठ किया।
इरम उत्साही ने सुनाया, "कभी किसी का दिल न दुखा ,कुत्ता कह कर नेता को कुत्ते का अपमान न कर।"
मीनाक्षी सांगनेरिया, छोटी सी जिंदगी है हर बात में खुश रहो, हर हाल में खुश रहो। कल किसने देखा है अपने आपमें खुश रहो।
विख्यात गजलकार ज्ञान प्रकाश ने, " आलम पनाह पूछ रहे है कि क्या हुआ, किस्सा सुनाऊ कैसे दागदार के।" आदि गजलों को सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी।
सेराज खान बातिश, "उदासी की जब भी हुई है दखल, खान जिंदगी ने मेरे साथ चल।"
कृष्ण कुमार दुबे, "जब काम नहीं आए मुश्किल के जमाने में बेकार है वो दौलत जो रखी है खजाने में।"
मुज्तर इफ्तिखारी ने , "मेरे सामने से जब कभी नकाब उलट कर गुजर गया।"
सदीनामा के गजल विशेषांक में गजल चयनकर्ता एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष रामनाथ बेखबर ने "नाव टूटी थी मगर पतवार से लड़ता रहा, मै हमेशा जिंदगी की धार से लड़ता रहा।" आदि गजल सुनाई।
कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र जीतांशु ने करते हुए अपने संपादकीय के कुछ अंश पढ़े और शेर सुनाए, बताया कि आजकल हिंदी में भी गजल लिखी जा रहीं है। इस अवसर पर सदीनामा पत्रिका का गजल विशेषांक का लोकार्पण हुआ। अन्य गजलकारों में उपस्थित थे - शारिक रियाज, सीमा गुप्ता आदि।
धन्यवाद ज्ञापन फादर सुनील रोजेरियो ने देते हुए कहा कि मै सर्वधर्म सद्भाव की विचारधारा को लेकर चलता हूं और यहीं समाज से आशा करता हूं।