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अब बैट्री से चलेगी कोलकाता मेट्रो, विद्युतापूर्ति बाधित होने पर भी सुरंग में नहीं फंसेंगे यात्री

अगर किसी भी कारणवश स्टेशन छोड़ने के बाद मेट्रो में कोई यांत्रिक त्रुटि आयी तो भी सुरंग में मेट्रो के रुक जाने का खतरा बना रहता है। अब इस समस्या से यात्रियों को राहत मिलने वाली है।

By Moumita Bhattacharya

Feb 16, 2026 17:44 IST

किसी कारणवश अगर विद्युतापूर्ति बाधित हुई तो सुरंग में ही रुक जाते हैं मेट्रो के पहिए। यह समस्या खास तौर पर कोलकाता मेट्रो के नॉर्थ-साउथ (ब्लू लाइन) कॉरिडोर में होती है। अगर किसी भी कारणवश स्टेशन छोड़ने के बाद मेट्रो में कोई यांत्रिक त्रुटि आयी तो भी सुरंग में मेट्रो के रुक जाने का खतरा बना रहता है।

ऐसा कई बार हुआ है जब यात्रियों को नजदीकी मेट्रो स्टेशन पर पहुंचने के लिए सुरंग में मेट्रो के ट्रैक पर अंधेरे में पैदल चलना पड़ता है। कभी-कभी यह दूरी थोड़ी होती है लेकिन कई बार यात्रियों को लंबी दूरी भी तय करनी पड़ती है। अब इस समस्या से यात्रियों को राहत मिलने वाली है। कैसे?

अब बैट्री से चलेगी कोलकाता मेट्रो। किसी भी कारणवश अगर मेट्रो में विद्युतापूर्ति बाधित होती है तो यात्री सुरंग में नहीं फंसेंगे। इस बारे में Zee न्यूज की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार विद्युतापूर्ति फिर से शुरू होने का इंतजार न कर मेट्रो प्रबंधन ने बैट्री से ही मेट्रो चलाने की व्यवस्था की है। बताया जाता है कि दमदम से दक्षिणेश्वर के बीच एक पूरी मेट्रो रेक को बैट्री से चलाकर नजदीकी मेट्रो स्टेशन तक ले जाने की व्यवस्था की गयी है।

कैसे काम करेगी यह पद्धति?

बताया जाता है कि अगर यांत्रिक त्रुटि अथवा विद्युतापूर्ति बाधित होने की वजह से ट्रेन सुरंग में ही रुक जाती है तो बैट्री द्वारा मेट्रो को चलाकर नजदीकी स्टेशन तक ले जाया जा सकेगा। इस व्यवस्था का ट्रायल रन भी किया जा चुका है। हाल ही में कोलकाता मेट्रो के एक रेक को दक्षिणेश्वर से टॉलीगंज तक बैट्री से चलाकर ले जाया गया। इसी तरह से ब्लू लाइन की सभी 44 रेकों को बैट्री से चलाने की व्यवस्था कर दी गयी है।

कब से शुरू होगी यह व्यवस्था?

कोलकाता मेट्रो को बैट्री से चलाने से व्यवस्था कब से शुरू की जाएगी, इस बारे में अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गयी है। लेकिन संभावना जतायी जा रही है कि जल्द ही यात्रियों की सुविधा के लिए इस व्यवस्था को शुरू कर दिया जाएगा ताकि यांत्रिक त्रुटि अथवा विद्युतापूर्ति बाधित होने की वजह से सुरंग में किसी मेट्रो रेक के फंसने पर यात्रियों को नजदीकी स्टेशन तक पहुंचने में कोई समस्या न हो।

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