2 जनवरी को तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में एक राजनैतिक सभा को संबोधित किया था। उस सभा में अभिषेक बनर्जी तीन लोगों को मंच पर बुलाया था जिनके बारे में दावा किया गया था कि मतदाता सूची के मसौदा में तीनों को 'मृत' दिखाया गया था।
चुनाव आयोग ने उसी दिन जिले के DEO से इस बाबत रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट आने के बाद राज्य CEO के ऑफिस ने कहा कि ज्यादातर मामलों में ऐसा 'अनजाने में हुई गलतियों' की वजह से हुआ है।
अभिषेक बनर्जी जिन तीन लोगों को मंच पर बुलाया था उनमें शामिल थे, मोनिरुल इस्लाम मोल्लाह, हरेकृष्ण गिरी और माया दास। पहले दो व्यक्ति मेटियाबुरूज विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले हैं। तीसरा काकद्वीप विधानसभा क्षेत्र का रहने वाला बताया जाता है। राज्य के CEO ऑफिस ने कहा कि काकद्वीप विधानसभा क्षेत्र की रहने वाली माया दास का नाम 'गलती से' हटा दिया गया था। दावा किया गया कि संबंधित BLO ने गलती की थी।
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दूसरी तरफ मेटियाबुरूज के दोनों लोगों के मामले में भी संबंधित ERO ने कहा है कि BLO की गलती की वजह से मतदाता सूची के मसौदा में नाम 'मृत' दिखाए गए हैं। इनमें से हरेकृष्ण गिरी का नाम तो मतदाता सूची का मसौदा जारी होने से पहले हटाए गए 58 लाख नामों की लिस्ट में भी नहीं था। लेकिन उनका नाम मसौदा वोटर लिस्ट से हटा दिया गया।
आयोग ने कहा कि उन सभी को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 दिया गया है। CEO ऑफिस के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक फॉर्म भरकर जमा करने के बाद उनके नाम जोड़ दिए जाएंगे।