कोलकाताः मासिक भत्ता बढ़ाने, कार्यरत रहते हुए मृत्यु होने पर आर्थिक मुआवजा समेत कुल आठ मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ता एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने हड़ताल की भी घोषणा की है। यह आंदोलन 23 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ था। बुधवार को यह आंदोलन 16वें दिन में प्रवेश कर गया। सुबह से ही साल्टलेक में स्वास्थ्य भवन के गेट पर आशा कार्यकर्ता जमा हुए और अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। राज्यभर से कई हजार कार्यकर्ता स्वास्थ्य भवन के गेट के सामने एकत्र हुए।
आशा कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगें
पश्चिम बंगाल आशा कार्यकर्ता यूनियन और पश्चिम बंगाल नगरपालिका स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन के नेतृत्व में आंदोलनरत कार्यकर्ताओं की ये मांगें हैं। मासिक भत्ता 5,200 रुपये से बढ़ाकर कम से कम 15,000 रुपये करने की मांग है। बकाया भुगतान का निपटान करने की अपील की गयी है। मातृत्व अवकाश सहित अन्य सरकारी छुट्टियों की सुविधा देने की भी बात कही गयी है। आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी के रूप में मान्यता देने की भी मांग है।
आंदोलनरत कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे ज्ञापन सौंपेंगे और अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन जारी रहेगा।
पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष
स्वास्थ्य भवन में आशा कार्यकर्ताओं के प्रवेश को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगाया। आशा कार्यकर्ताओं ने इसे तोड़ने की कोशिश की और जोर देकर कहा कि उन्हें स्वास्थ्य सचिव से मिलने की अनुमति दी जानी चाहिए। इस दौरान हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।