हावड़ा: हावड़ा के शालीमार स्टेशन के पास देवेंद्रनाथ मुखर्जी रोड पर सड़क पर ही बने एक विशाल कचरा फेंकने वाले ड्रम को लेकर इलाके में भारी असंतोष फैला है। लंबे समय से यह ड्रम ओवरफ्लो होकर गंदा पानी और कचरा सड़क पर फैला रहा है। इसके कारण आम लोगों के चलने-फिरने में कठिनाई होने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शालीमार इलाके की देवेंद्रनाथ मुखर्जी रोड एक अत्यंत व्यस्त संपर्क मार्ग है। इस सड़क पर ही हावड़ा सरदामणि बालिका विद्यालय स्थित है। विद्यालय के बिलकुल पास ही सड़क पर कचरा फेंकने का बड़ा ड्रम बनाया गया है। मुख्य रूप से स्थानीय बाजार के बचे हुए और सड़ने वाले कचरे को यहां फेंका जाता है लेकिन नियमित सफाई न होने के कारण, यह ड्रम अक्सर ओवरफ्लो हो जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्षा ऋतु में तो समस्या और बढ़ जाती है, शुष्क मौसम में भी ड्रम से गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है। बदबू में खड़े होना भी मुश्किल हो जाता है। प्रतिदिन स्कूल जाने वाले बच्चे, अभिभावक, बाजार के खरीदार-बिक्रेता और ऑफिस जाने वाले लोगों को इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। कई लोग रुमाल या मास्क से चेहरे ढककर सड़क पार करते हैं।
स्थानीय निवासी अरिंदम चक्रवर्ती कहते हैं कि लंबे समय से हम इस ड्रम को हटाने की मांग कर रहे हैं। इतना बड़ा ड्रम सड़क के बीच में होने के कारण, गाड़ियों का चलना भी मुश्किल हो रहा है। सबसे बड़ी बात, स्कूल के पास ऐसा गंदा वातावरण होना अत्यंत शर्मनाक है। दूसरी स्थानीय निवासी सुमिता दास कहती हैं कि प्रतिदिन सुबह बच्चों को स्कूल पहुंचाने आते समय इस दुर्गंध को सहना पड़ता है। कई बार कचरा कुत्ते-बिल्ली खींचकर सड़क पर ले आते हैं, जिससे सड़क और अधिक गंदी हो जाती है। इससे रोग फैलने का खतरा है।
बाजार के एक व्यापारी का कहना है कि बाजार का कचरा तो कहीं न कहीं फेंकना ही होगा लेकिन यदि नियमित सफाई होती या किसी अन्य जगह स्थानांतरित किया जाता, तो इतनी समस्या नहीं होती। अब तो पूरे दिन लगभग ड्रम ओवरफ्लो रहता है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में शालीमार स्टेशन पर आवागमन आसान बनाने के लिए इसी देवेंद्रनाथ मुखर्जी रोड से एक फ्लाईओवर का निर्माण तेजी से हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ विकास कार्य चल रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसी अस्वास्थ्यकर स्थिति अनदेखी करना सही नहीं है। नया फ्लाईओवर चालू होने पर इस सड़क पर आवागमन और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सड़क पर ड्रम की स्थिति पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार मौखिक और लिखित रूप से हावड़ा नगर परिषद का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया है लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। अस्थायी रूप से कभी-कभी कचरा हटाया गया लेकिन समस्या की जड़ बनी हुई है। इस संबंध में हावड़ा नगर परिषद् के एक अधिकारी ने कहा कि यह मामला हमारी नजर में है। हम स्थानीय लोगों की शिकायत को गंभीरता से देख रहे हैं। वैकल्पिक स्थान पर ड्रम ले जाया जा सकता है या नहींं इसका अध्ययन किया जा रहा है। साथ ही नियमित सफाई पर भी ध्यान बढ़ाया जाएगा।
हालांकि स्थानीय लोग आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि इस ड्रम को तुरंत हटाकर उचित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए और नियमित कचरा निष्कासन सुनिश्चित किया जाए। अन्यथा बड़े आंदोलन की राह पर भी कदम उठाया जा सकता है। विकास की राह में यदि जनस्वास्थ्य और दैनिक जीवन की सुविधा को नजरअंदाज किया गया, तो यह विकास कितना प्रभावी है, यह सवाल अब शालीमार के निवासियों के मन में घूम रहा है।