लखनऊ : गाजियाबाद में तीन किशोरियों की रहस्यमय मौत के मामले में नया मोड़। शनिवार को पुलिस को पता चला कि उन तीन किशोरियों के पिता चेतन कुमार का नाम 2015 में एक आत्महत्या के मामले में शामिल था। इस जानकारी के सामने आने के बाद किशोरियों की मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार लगभग 11 साल पहले चेतन की लिव-इन पार्टनर ने आत्महत्या की थी। यह देखा जा रहा है कि दुर्घटना के समय इन तीन किशोरियों की मानसिक स्थिति कैसी थी। क्या इन तीन किशोरियों की मौत का चेतन की लिव-इन पार्टनर की आत्महत्या से कोई संबंध है? पुलिस ने क्या बतया ?
2015 में लिव-इन पार्टनर की आत्महत्या क्यों पुलिस की स्कैन में चेतन?
इस घटना की जांच करते हुए पुलिस बता रही है कि 2015 में शाहिबाबाद पुलिस स्टेशन के अंतर्गत राजेंद्र नगर कॉलोनी में फ्लैट की छत से कूदकर चेतन के तत्कालीन लिव-इन पार्टनर ने आत्महत्या की थी। जांच के बाद उस मौत को पुलिस ने आत्महत्या करार दिया था। हालांकि इस समय जांचकर्ताओं ने यह भी पुष्टि की है कि उस मौत का इस तीन बहनों की मौत से कोई संबंध नहीं पाया गया है।
चेतन का जीवन काफी रंगीन था। उसकी तीन पत्नियाँ थीं। तीनों एक दूसरे की बहनें थीं। मृतकों में से पहली एक बहन की और अन्य दो दूसरी बहन के बच्चे थे। वहीं बाजार में चेतन के बहुत सारे पैसे कर्ज में चले गए थे। बिजली का बिल चुकाने के लिए उन्होंने अपनी तीनों बेटियों के मोबाइल बेच दिए थे प्रारंभिक जानकारी यही मिल रही है।
वहीं बेटियाँ कोरियाई ड्रामा में काफी अधिक निर्भर थीं जिसे स्मार्टफोन पर देखा जाता था। 4 फरवरी को तीनों बहनें अपने आवास की छत से कूद गईं। जांच में पता चला कि दुर्घटना के दिन उन तीन किशोरियों ने माँ से मोबाइल माँगा था लेकिन उस मोबाइल पर कोरियाई ड्रामा नहीं देखा जा सका।
क्या पिता ने मोबाइल छीन लेने के कारण उनकी छत से कूदने की कोशिश की? या इसके पीछे कोई और कहानी है? पुलिस इसके उत्तर ढूंढ रही है। जांच में यह सामने आया कि इन तीन किशोरियों और उनकी माँ के बीच कोई खास मेलजोल नहीं था बल्कि वे चेतन के करीब थीं। ऐसे में कोरियाई ड्रामा न देख पाने या पारिवारिक अनबन उनका मौत का रास्ता चुनने का असली कारण क्या था? यह सवाल उठ रहा है।