🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक का सफर, गोयल बोले- बिना रुके, बिना थके देशहित में काम कर रहे हैं नरेंद्र मोदी

लखनऊ में विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ने कहा- मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक पहचान, अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिली।

By श्वेता सिंह

Jun 11, 2026 20:56 IST

लखनऊः केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को राष्ट्रसेवा, सुशासन और विकास के प्रति समर्पण का प्रतीक बताते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में बिना किसी विराम के लगातार देश और जनता के लिए काम किया है।

लखनऊ में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 13 वर्ष और प्रधानमंत्री के रूप में लगभग 12 वर्ष का कार्यकाल मिलाकर नरेंद्र मोदी जल्द ही सार्वजनिक नेतृत्व के 25 वर्ष पूरे करने जा रहे हैं। उनके अनुसार राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर इतने लंबे समय तक लगातार नेतृत्व करना अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

'राष्ट्र पहले' की सोच से किया काम

पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का पूरा कार्यकाल 'नेशन फर्स्ट' यानी राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से प्रेरित रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी का लक्ष्य केवल सरकार चलाना नहीं, बल्कि भारत को विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल करना और देश के 140 करोड़ नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना रहा है।

गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्षों तक दिन-रात काम करते हुए विकास, सुशासन और जनकल्याण को प्राथमिकता दी। उनका ध्यान इस बात पर केंद्रित रहा कि देश की जनता के भरोसे पर खरा कैसे उतरा जाए और भारत को वैश्विक मंच पर अधिक मजबूत कैसे बनाया जाए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता से लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री बनने तक नरेंद्र मोदी की यात्रा राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित जीवन को दर्शाती है।

वैश्विक मंच पर बढ़ी भारत की पहचान

गोयल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और प्रभाव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, आधारभूत ढांचे का विस्तार करने और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में सरकार ने महत्वपूर्ण काम किया है। उनके अनुसार आज दुनिया भारत को एक उभरती हुई शक्ति के रूप में देख रही है और कई वैश्विक मंचों पर देश की भूमिका पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रभावशाली हुई है।

पीयूष गोयल ने कहा कि कोविड-19 महामारी और वैश्विक संघर्षों जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत ने विकास की गति बनाए रखी। सम्मेलन के दौरान गोयल ने उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सरकार के कार्यों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में विकास, कानून-व्यवस्था और जनभागीदारी को नई दिशा मिली है।

गोयल के अनुसार देशवासियों के आशीर्वाद और विश्वास के कारण नरेंद्र मोदी को तीसरी बार देश की सेवा का अवसर मिला है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री की लोकप्रियता देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लगातार बनी हुई है।

सम्मान और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख

पीयूष गोयल ने कहा कि दुनिया के 32 देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया है। इनमें विकसित, विकासशील, पड़ोसी और इस्लामिक देश भी शामिल हैं।

उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि ये भारत की सांस्कृतिक विरासत के पुनर्स्थापन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। गोयल ने कहा कि एक समय उन्हें भी लगता था कि भगवान राम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का सपना शायद पूरा नहीं हो पाएगा, लेकिन यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ।

सहकारिता और नक्सलवाद पर भी बोले

केंद्रीय मंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय के गठन को महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे सहकारी क्षेत्र को नई मजबूती मिली है।

साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि देश नक्सलवाद मुक्त भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

सम्मेलन के दौरान पीयूष गोयल ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी सहित कई नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके विचार और आदर्श आज भी भारत के विकास पथ को दिशा दे रहे हैं।

Articles you may like: