भोपाल: मध्यप्रदेश के जबलपुर में नेशनल हाईवे 45 पर सफर करते समय अब सड़क पर लाल चौकोर मार्किंग दिखाई देती है, जो दुबई की तर्ज पर तैयार की गई है। यह तकनीक संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर की मशहूर शेख जायेद रोड से प्रेरित है, जहां थर्मोप्लास्टिक रेड मार्किंग के जरिए तेज रफ्तार वाहनों की गति स्वतः नियंत्रित होती है। दुबई में इसी सड़क से बुर्ज खलीफा, म्यूजियम ऑफ द फ्यूचर (भविष्य का संग्रहालय) और दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंचा जाता है। वहां 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही गाड़ी रेड मार्किंग जोन में पहुंचते ही बिना ब्रेक लगाए लगभग 100 किमी प्रति घंटा तक नियंत्रित हो जाती है।
मध्यप्रदेश में संरक्षित वन और टाइगर रिजर्व क्षेत्रों के पास सड़क दुर्घटनाओं में बाघ और तेंदुओं की बढ़ती मौतों को देखते हुए वन अधिकारियों ने इस तकनीक को अपनाने का फैसला किया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सहयोग से नेशनल हाईवे 45 के 12 किलोमीटर हिस्से में थर्मोप्लास्टिक रेड ब्लॉक लगाए गए हैं। इनमें से 2 किलोमीटर का टेबल टॉप घाट रोड वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से होकर गुजरता है।
इस क्षेत्र में प्रवेश करते ही रेड मार्किंग ड्राइवरों को सतर्क कर देती है कि उन्हें गति कम करनी है। यदि चालक गति कम न भी करे तो थर्मोप्लास्टिक ब्लॉक स्वयं वाहन की रफ्तार नियंत्रित कर देते हैं। नियम तोड़ने पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है। रात में हेडलाइट की रोशनी में ये मार्किंग चमकती है, जिससे दृश्यता बेहतर होती है और दुर्घटना की संभावना घटती है। इसके अलावा वन क्षेत्र से घिरे हाईवे हिस्से में 25 से अधिक अंडरपास, लंबी चेन लिंक फेंसिंग, आधुनिक कैमरे और चेतावनी संकेतक भी लगाए गए हैं, ताकि वन्यजीव सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकें।