भुवनेश्वर: सर्वोच्च नेता देवुजी के आत्मसमर्पण के दिन ही ओडिशा में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो और शीर्ष माओवादी नेता मारे गए। रविवार को ओडिशा के गंजाम, कंधमाल सीमा क्षेत्र के कराड़ा जंगल में तलाशी अभियान के दौरान यह एनकाउंटर हुआ। इस अभियान में ओडिशा पुलिस की विशेष इकाइयां एसओजी और डीवीएफ के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त टीम शामिल थी।
मुठभेड़ में जोगेश और रश्मि नामक दो बड़े माओवादी नेता मारे गए। ओडिशा पुलिस के अनुसार, दोनों पर कुल मिलाकर लगभग साढ़े 27 लाख रुपये का इनाम घोषित था। जोगेश एरिया कमेटी का सदस्य था और रश्मि सामान्य सदस्य थी। दोनों माओवादियों केकेबीएन डिवीजन से जुड़े थे। घटनास्थल से बड़ी मात्रा में आधुनिक हथियार और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है।
गौरतलब है कि कंधमाल को ओडिशा में माओवादियों का अंतिम गढ़ माना जाता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समयसीमा तय करते हुए राज्य को 31 मार्च तक पूरी तरह माओवादी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसी बीच माओवादी संगठन के वर्तमान दौर के संभवतः सर्वोच्च नेता देवुजी के आत्मसमर्पण की खबर भी सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक ओर लगातार एनकाउंटर और कड़ी कार्रवाई, दूसरी ओर देवुजी जैसे शीर्ष नेता का आत्मसमर्पण, इन घटनाओं से माओवादियों का मनोबल काफी गिरा है। प्रशासन को उम्मीद है कि लगातार मिल रही सफलताओं के चलते जल्द ही कंधमाल समेत पूरे देश से माओवादियों का प्रभाव समाप्त किया जा सकेगा।