भुवनेश्वर: ओडिशा के ढेंकानाल में एक पुजारी के साथ मारपीट करने, उसे जबरदस्ती गोबर खाने पर मजबूर करने और 'जय श्रीराम' कहने के लिए मजबूर करने का आरोप बजरंग दल के सदस्यों पर लगा है। घटना 4 जनवरी की है, लेकिन यह हाल ही में सामने आई है। इतने दिन बीत जाने के बावजूद अभियुक्त की कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित पुजारी का दावा है कि उन्होंने हमलावरों को माफ कर दिया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, 4 जनवरी को परजांग गांव में पुजारी बिपिन बिहारी नायक ने एक प्रेयर मीटिंग का आयोजन किया था। इसमें कुछ अन्य ईसाई परिवार भी शामिल थे। अचानक लगभग 40 लोग उनके घर में घुस आए और मारपीट करने लगे। नायक की पत्नी बंदना का कहना है कि लोग अचानक घर में घुसकर मारपीट करने लगे। वह अपने बच्चों को लेकर गली से भागीं और थाने तक पहुंचीं।
नायक ने बताया कि अभियुक्त घुसकर उन्हें लाठी से पीटते रहे, उनके चेहरे पर सिंदूर लगाया गया। उसके बाद उनके गले में जूते की माला पहनाई और नजदीकी हनुमान मंदिर ले जाया गया। बंदना का दावा है कि पुलिस बार-बार बुलाने के बावजूद तत्काल नहीं आई। उनके पति को मंदिर में बांधकर पीटा गया, जबरदस्ती गोबर खिलाया गया और जय श्रीराम कहने के लिए मजबूर किया गया। बहुत खून बहने के बावजूद किसी ने कोई मदद नहीं की। बाद में पुलिस आई और नायक को बचाकर थाने ले गई। वहाँ भी उन्हें लगभग एक घंटे तक बिना कारण बैठाया रखा गया।
नायक के दादा उदय नायक का दावा है कि घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी पकड़े नहीं गए। इसके बजाय उनके परिवार को डर के माहौल में रहना पड़ रहा है। हिंदू बहुल परजांग गांव में केवल सात ईसाई परिवार हैं। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि नायक जबरन धर्मांतरण कर रहे थे और इस आधार पर उन्होंने नायक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।