देहरादून: मसूरी के दिल में स्थित एक शताब्दी से भी अधिक पुरानी मजार में तोड़फोड़ की घटना से उत्तराखंड में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि पिछले शनिवार शाम हथौड़े और फावड़े लेकर कुछ बदमाश विनबर्ग-एलन स्कूल परिसर में घुसे और सूफी कवि बाबा बुल्ले शाह की मजार को पूरी तरह तोड़कर ध्वस्त कर दिया।
इस घटना की जिम्मेदारी कट्टरपंथी संगठन हिंदू रक्षा दल ने स्वीकार की है। तोड़फोड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है लेकिन घटना के दो दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की जिन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, उनमें गिरफ्तारी अनिवार्य नहीं है। मसूरी के सर्किल ऑफिसर मनोज असवाल ने बताया कि जांच शुरू हो चुकी है लेकिन अभी तक किसी भी अभियुक्त को पकड़ा नहीं गया है।
पुलिस की इस भूमिका पर मुस्लिम सेवा संगठन ने नाराजगी जताई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, अभियुक्तों में शामिल हिंदू रक्षा दल के नेता ललित शर्मा का दावा है कि देवभूमि में पाकिस्तान से जुड़े किसी व्यक्ति की मजार बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह स्थान सनातन धर्म का है। पुलिस के अनुसार, मजार 100 वर्ष से भी अधिक पुरानी थी। इलाके के एक प्रतिष्ठित स्कूल के भीतर हुई इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों को सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका है। सुरक्षा के मद्देनजर मजार परिसर में पुलिस तैनात कर दी गई है। अब देखना यह है कि यह मामला आगे कितनी दूर तक जाता है।