दुकान का नाम 'बाबा' क्यों? यह सवाल पूछते हुए जिस समय एक उम्रदराज अल्पसंख्यक को उत्तेजीत जनता ने घेर रखा था, उसी समय उनका बचाव करने के लिए युवक आगे आया। स्थानीय एक जिम का मालिक दीपक कुमार ने भीड़ को चीरते हुए अपनी बुलंद आवाज में पलटकर सवाल दागा, '30 साल पुरानी दुकान है। नाम क्यों बदलेंगे?' जब भीड़ में से किसी ने युवक से उसका परिचय पूछा तो उसने बेझिझक कहा, 'मैं मोहम्मद दीपक।'
यह घटना उत्तराखंड के कोटद्वार की बतायी जाती है। 26 जनवरी की यह घटना इस समय सुर्खियों में छायी हुई है। वकील अहमद नामक अल्पसंख्यक वृद्ध को बचाने में हिंदू युवक ने जिस हिम्मत और साहस का परिचय दिया है, हर कोई उसकी तारीफ कर रहा है।
हालांकि इस वजह से युवक को कथित तौर पर कुछ हिंदुत्ववादी लोगों की नाराजगी भी झेलनी पड़ रही है। दीपक कुमार का कहना है कि संविधान की नजरों में सब बराबर है। इसी बात को साबित करने के लिए दीपक ने अपना नाम 'मोहम्मद दीपक' बताया था लेकिन इसी बात से बजरंग दल काफी नाराज है।
बताया जाता है कि शनिवार की दोपहर को करीब 40-50 लोग दीपक के जिम के सामने जमा हुए और नारेबाजी के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग भी जाम कर दिया। परिस्थिति को संभालने के लिए आखिरकार विशाल पुलिस बल को तैनात किया गया। बताया जाता है कि विनोद कुमार नामक एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर की शिकायत के आधार पर रविवार को कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दायर किया गया है। उनके खिलाफ गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होने और सरकारी कर्मचारियों को काम में बाधा पहुंचाने की शिकायत दर्ज करवायी गयी है।
दीपक कुमार ने पुलिस से कहा है कि वह अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं। इलाके की CCTV फुटेज देखकर पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने का काम शुरू कर दिया है। समाचार लिखे जाने तक बजरंग दल की ओर से कोई बयान नहीं आया था।