भुवनेश्वर: महिला होने के कारण सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप लगाया गया है। 'झूठे आरोपों' में महिला पर अत्याचार किए जाने की भी शिकायत की गई है। ग्रामीणों के खिलाफ यह शिकायत करते हुए एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। परिवार का दावा है कि महिला के प्रति ग्रामीणों की धमकियों को सहन न कर पाने के कारण उन्होंने यह चरम कदम उठाया। पुलिस ने बताया कि यह घटना ओडिशा के भद्रक जिले की है। आरोप के आधार पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना भद्रक के बन्सासा थाना के चांदाबली चड्डिया गांव में हुई। मृतक का नाम लम्बोदर तराई (55) था। रविवार को उन्होंने जहर खा लिया। बाद में उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने बताया कि इस मामले की शिकायत मृतक की बेटी ने की थी। शिकायत के अनुसार, सार्वजनिक रूप से बेटी के साथ अपमान और गर्मजोशी की हद तक बदसलूकी की गई थी। इस अपमान को सह न पाने के कारण लम्बोदर ने जहर खा लिया।
सूत्रों के अनुसार, गांव में कोई शराब बेच नहीं सकता, इसका निर्णय पिछले साल दिसंबर में ग्रामीणों ने लिया था। हालांकि स्थानीय स्व-सहायता समूह के कई सदस्यों का कहना है कि ग्रामीणों ने प्रतिबंध लगाने के बावजूद लम्बोदर की बेटी अवैध तरीके से और गैरकानूनी शराब बेचती रही। यह दावा करते हुए कहा गया कि उस लड़की को गांव के बीचोंबीच ले जाकर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी गई।
शिकायत के आधार पर निवासीयों ने गांव में ही न्यायसभा बुलाई। अवैध रूप से शराब बेचने के कारण उसे 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया लेकिन वह लड़की मात्र 10 हजार रुपये ही जुटा पाई। उसकी शिकायत है कि झूठे आरोप लगाकर उसे प्रताड़ित किया गया। उसके प्रति अभद्र बातें कही गईं। इस ताना-झील और अपमान को सहन नहीं कर पाए उसके पिता। मंगलवार को, भद्रक के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरूप अभिषेक बेहेरा ने बताया कि शिकायत के आधार पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पूरे मामले की जांच करने के लिए चांदबली के एसडीपीओ को निर्देश दिए गए हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।