बेंगलुरु : साल भर छुट्टी मिलना मुश्किल होता है। पूजा या त्योहारों के दिनों में काम का अतिरिक्त दबाव रहता है। राजनीतिक रैलियों या किसी बड़ी घटना की स्थिति में तो कहना ही क्या। अपनी सारी निजी जिम्मेदारियां छोड़कर पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर दौड़ना पड़ता है। ड्यूटी निभाते हुए वे परिवार को समय नहीं दे पाते। इसका असर उनके काम पर भी पड़ता है। ड्यूटी के कारण वे अपना जन्मदिन या विवाह वर्षगांठ भी नहीं मना पाते।
हालांकि अब इस व्यवस्था में बदलाव होने जा रहा है। अब पुलिसकर्मी अपना जन्मदिन या विवाह वर्षगांठ परिवार के साथ मना सकेंगे। इन खास दिनों में उन्हें विशेष छुट्टी दी जाएगी। इस संबंध में कर्नाटक पुलिस ने एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है।
इसमें कहा गया है कि परिवार और काम के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए इन विशेष अवसरों पर पुलिसकर्मियों को कैजुअल लीव दी जाएगी। उनके मनोबल को बढ़ाने और कार्यजीवन में संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
इस फैसले के पीछे की वजह भी विज्ञप्ति में स्पष्ट की गई है। समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें कहा गया है कि पुलिसकर्मी अक्सर सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं।
उन्हें लगातार दबाव में रहना पड़ता है। इसी कारण वे अपने खास दिनों में परिवार के साथ समय नहीं बिता पाते। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि वे भी अपने विशेष दिनों में परिवार के साथ अच्छा समय बिता सकें।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह छुट्टी पुलिसकर्मियों को उनके पेशेवर कर्तव्यों और निजी जीवन के बीच एक स्वस्थ संतुलन बनाए रखने में मदद करेगी। व्यक्तिगत अवसरों को मनाने से मनोबल बढ़ेगा और तनाव का स्तर कम होगा। इससे पुलिसकर्मियों की मानसिक संतुष्टि बढ़ेगी, जिसका सकारात्मक असर उनके काम पर भी पड़ेगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह कदम मानवीय आधार पर उठाया गया है। कर्नाटक पुलिस के डीजी एमए सलीम ने पहले ही यह विज्ञप्ति जारी कर दिया है। इस संबंध में दिशा-निर्देश और अधिसूचना राज्य के सभी पुलिस विभाग प्रमुखों को भेज दी गई है। इसमें स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि यदि कोई अधिकारी या पुलिसकर्मी जन्मदिन या विवाह वर्षगांठ के लिए छुट्टी मांगता है तो उसे अनिवार्य रूप से मंजूरी दी जाएगी।