इंदौर: कुछ दिन पहले ही मध्य प्रदेश के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल पीने से कम से कम सात लोगों की मौत हुई थी। उस घटना की गूंज अभी पूरी तरह थमी भी नहीं थी कि राज्य में एक बार फिर दूषित पानी से लोग बीमार पड़ गए। यह घटना इंदौर के मऊ इलाके के पट्टी बाजार और चांदेर मार्ग क्षेत्र में हुई है। दूषित पानी पीने से बीमार पड़े 22 लोगों में से 9 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी लोग डॉक्टरों की निगरानी में घर पर ही इलाज करा रहे हैं।
क्या पेयजल ही समस्या की जड़ है ?
बताया जा रहा है कि गुरुवार रात से ही समस्या शुरू हुई। उसी रात मऊ क्षेत्र में एक ही इलाके के कई लोग अचानक बीमार पड़ गए। आरोप है कि दूषित पेयजल के कारण वे जलजनित बीमारियों से ग्रसित हुए हैं। गंभीर रूप से बीमार नौ लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया।
रात में ही जिलाधिकारी शिवम वर्मा अस्पताल पहुंचे और मरीजों से बात कर स्थिति की जानकारी ली। शुक्रवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की एक टीम प्रभावित इलाके में पहुंची और हालात पर नजर रख रही है। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन की एक टीम पानी के नमूने लेकर जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गड़बड़ी कहां हुई। मऊ कैंटोनमेंट बोर्ड भी जल की गुणवत्ता की जांच कर रहा है।
इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि प्रशासन को पेयजल आपूर्ति को लेकर अधिक सतर्क होना चाहिए था। प्रशासन के अनुसार, मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है और एक-दो दिन में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। गौरतलब है कि पिछले महीने इंदौर के भागीरथपुरा में भी दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार पड़े थे। उस घटना में कम से कम 15 लोगों की मौत की बात सामने आई थी। हालांकि मध्य प्रदेश सरकार ने 15 जनवरी को हाईकोर्ट में सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट में दावा किया था कि उस घटना में सात लोगों की मौत हुई थी।