ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मंत्री टाकर मार्डे का बुधवार सुबह नई दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। उनकी उम्र 64 साल थी। उनके पीछे तीन पत्नियां, तीन बेटे और एक बेटी हैं। टाकर मार्डे का जन्म 9 जुलाई 1961 को ऊपरी सुबनसिरी जिले के मार्डे गांव में हुआ था। उन्होंने 1987 में जिला परिषद सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। 1992 से 1998 तक वे अंचल समिति सदस्य रहे।
वे पहली बार 1999 में कांग्रेस के टिकट पर डम्पोरिजो विधानसभा क्षेत्र से अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए और 2004 में उसी सीट से दोबारा निर्वाचित हुए। मार्डे ने सरकार में कई पदों पर काम किया, जैसे पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री, उपसभापति, राज्य योजना बोर्ड के अध्यक्ष। राज्यपाल केटी पार्णाइक, केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू, मुख्यमंत्री पेमा खांडू और उपमुख्यमंत्री चोना माइन ने मार्डे के असमय निधन पर दुख जताया।
राज्यपाल पार्णाइक ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश ने एक दयालु और समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता खो दिया। जिन्होंने समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मंत्री श्री टाकर मार्डे के असमय और दुखद निधन से मैं गहरा शोक व्यक्त करता हूं। वे एक अनुभवी नेता, नेकदिल और वचनबद्ध व्यक्ति थे। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके निधन से समाज और परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है। मैं शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता हूं और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं।
मुख्यमंत्री खांडू ने कहा कि पूर्व मंत्री, वरिष्ठ नेता और राज्य योजना बोर्ड के अध्यक्ष श्री टाकर मार्डे का निधन गहरा सदमा है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश और उसके लोगों की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया। उनकी नेतृत्व क्षमता, ज्ञान और जन कल्याण के प्रति समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री माइन ने कहा कि श्री टाकर मार्डे का निधन सुनकर गहरा दुख हुआ। वे अरुणाचल प्रदेश के लोगों की सेवा के लिए समर्पित नेता थे। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। कठिन समय में शोक संतप्त परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं।
मार्डे के शव को पहले असम के डिब्रूगढ़ ले जाया जाएगा और फिर ईटानगर पहुंचाया जाएगा, जहां लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकेंगे। उनके शरीर को उनके पैतृक गांव डम्पोरिजो ले जाया जाएगा।