राजौरी : सीमा सुरक्षा बल सेक्टर मुख्यालय राजौरी ने भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग से ‘स्पंदन - राष्ट्रव्यापी शांति और विकास के लिए खेल’ विषय के तहत तीन दिवसीय जिला स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया। यह प्रतियोगिता जिला खेल परिसर स्टेडियम में आयोजित की गई।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 21 मई से 23 मई तक आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल 14 टीमों ने हिस्सा लिया। इनमें राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती जिलों से आठ लड़कों और छह लड़कियों की टीमें शामिल रहीं।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देना और खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से नशा मुक्त समाज का निर्माण करना है।
प्रतियोगिता का उद्घाटन सीमा सुरक्षा बल सेक्टर मुख्यालय राजौरी के उप महानिरीक्षक चंदर मोहन सिंह रावत ने किया। इस अवसर पर सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी, भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रतिनिधि, स्थानीय गणमान्य लोग और खेल प्रेमी मौजूद रहे।
क्षेत्र में पहली बार सीमा सुरक्षा बल की ओर से लड़कियों को इतना बड़ा खेल मंच उपलब्ध कराया गया है जिससे स्थानीय युवाओं और प्रतिभागियों में काफी उत्साह देखने को मिला। खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलने पर खुशी जाहिर की और कहा कि पीर पंजाल क्षेत्र खेल प्रतिभाओं से भरा हुआ है जिसे प्रोत्साहन और सही मंच की जरूरत है।
सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के लिए आवास, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की पूरी व्यवस्था और निगरानी कर रहे हैं।
राजौरी और पुंछ दोनों जिलों के युवाओं ने प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे सीमावर्ती इलाकों में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि साफ दिखाई दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप महानिरीक्षक चंदर मोहन सिंह रावत ने कहा कि खेल अनुशासित, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार युवाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियां युवाओं को नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में बेहद प्रभावी साबित होती हैं।
उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल प्रतिभा प्रदर्शन का मंच नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के व्यक्तित्व विकास, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और खेल संस्कृति को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। मैं आयोजन समिति और सभी सहयोगियों को इस भव्य आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देता हूं।
प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों और स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। उनका कहना था कि इस तरह के आयोजन छिपी प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के साथ-साथ युवाओं में शांति, फिटनेस और सकारात्मक सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देते हैं। प्रतियोगिता की विजेता टीमों के लिए आकर्षक पुरस्कारों की भी घोषणा की गई है।
प्रतिभागी तानिया शर्मा ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि यह प्रतियोगिता खासकर लड़कियों के लिए बेहद शानदार अवसर है। उन्होंने बताया कि गांवों में लड़कियों को अक्सर बाहर जाकर खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता।
तानिया शर्मा ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल की ओर से आयोजित यह प्रतियोगिता लड़कियों के लिए बहुत अच्छा मंच है। हमारे गांव में लड़कियों को बाहर जाकर खेल गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए ज्यादा प्रोत्साहन नहीं मिलता। यह प्रतियोगिता बेहद शानदार है। हमें ट्रैक सूट जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं। मैं उम्मीद करती हूं कि सीमा सुरक्षा बल भविष्य में भी ऐसे टूर्नामेंट आयोजित करता रहेगा, ताकि हम लड़कियां खेलों में ज्यादा भागीदारी कर सकें।