चुनाव आयोग ने बुधवार को जारी अपने आदेश में एक बार फिर से स्पष्ट कर दिया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सीविक वॉलेंटियर और ग्रीन पुलिस को तैनात नहीं किया जाएगा। इन्हें चुनाव से संबंधित किसी भी प्रकार की जिम्मेदारियां नहीं सौंपी जा सकती हैं। इससे पहले वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोक सभा चुनाव में भी आयोग की तरफ से यह आदेश जारी किया गया था।
बुधवार को पश्चिम बंगाल के CEO मनोज अगरवाल ने विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भी एक बार फिर से यह आदेश जारी किया। चुनाव आयोग ने राज्य निर्वाचन आयोग से इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के साथ ही सभी स्टेकहोल्डर्स जिसमें चुनाव प्रत्याशियों से लेकर राजनीतिक पार्टियां भी शामिल हैं, को इस बाबत सूचित करने की हिदायत दी है। इस बारे में एक अधिकारी ने बताया कि यह फैसला चुनाव की प्रक्रिया में निष्पक्षता को बनाए रखने और पूरी प्रक्रिया के अच्छी तरह से पूरा होने को सुनिश्चित करने के लिए ही लिया गया है।
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सिर्फ इतना ही नहीं इस आदेश में सीविक वॉलेंटियर और ग्रीन पुलिस को अपना यूनिफॉर्म चुनाव से 3 पहले से और चुनाव सम्पन्न होने के एक दिन बाद तक पहनने से मना किया गया है। गौरतलब है कि पिछले साल प्रदेश भाजपा की तरफ से CEO के पास एक ज्ञापन भी सौंपा गया था जिसमें सीविक वॉलेंटियर को चुनाव प्रक्रिया से संबंधित कार्यों से अलग रखने का अनुरोध किया गया था। भाजपा का आरोप था कि मतदान प्रक्रिया को सीविक वॉलेंटियर प्रभावित कर सकते हैं।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2 चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। देश के अन्य 3 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के साथ ही पश्चिम बंगाल में भी मतगणना 4 मई को होगी।