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गुलाबी नगरी को केंद्र की बड़ी सौगात: 13,037 करोड़ की 'जयपुर मेट्रो फेज-2' को कैबिनेट ने दी मंजूरी

By लखन भारती

Apr 08, 2026 21:55 IST

नई दिल्ली/जयपुरः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने जयपुर मेट्रो के बहुप्रतीक्षित फेज-2 को हरी झंडी दे दी है। 41 किलोमीटर लंबा यह उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर (North-South Corridor) प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक बनेगा, जिसकी कुल लागत ₹13,037.66 करोड़ आंकी गई है। शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक कनेक्टिविटी यह नया कॉरिडोर जयपुर के प्रमुख औद्योगिक, चिकित्सा और आवासीय क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा। इसमें कुल 36 स्टेशन होंगे।

इन प्रमुख क्षेत्रों को मिलेगा लाभ: औद्योगिक क्षेत्र: सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया और वीकेआई (VKIA)।

प्रमुख संस्थान: जयपुर एयरपोर्ट, टोंक रोड, एसएमएस (SMS) हॉस्पिटल और स्टेडियम।

आवासीय क्षेत्र: अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर।

एयरपोर्ट कनेक्टिविटी: खास बात यह है कि एयरपोर्ट के पास मेट्रो स्टेशन अंडरग्राउंड (भूमिगत) बनाया जाएगा, ताकि यात्रियों को सीधी सुविधा मिल सके।

फेज-1 के साथ होगा एकीकरण (Interchange)

वर्तमान में जयपुर मेट्रो का फेज-1 (मानसरोवर से बड़ी चौपड़) पूर्व-पश्चिम दिशा में 11.64 किमी की दूरी तय करता है। फेज-2 के आने से शहर में मेट्रो का एक जाल बिछ जाएगा। दोनों कॉरिडोर के बीच इंटरचेंज स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे यात्री आसानी से अपनी लाइन बदल सकेंगे।

प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं और लक्ष्य

क्रियान्वयन: इसे राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (RMRCL) द्वारा लागू किया जाएगा, जो भारत सरकार और राजस्थान सरकार का 50:50 का संयुक्त उद्यम है।

आर्थिक मजबूती: इस प्रोजेक्ट का आर्थिक आंतरिक रिटर्न रेट (EIRR) 14% से अधिक है, जो इसकी उपयोगिता और मजबूती को दर्शाता है।

समय सीमा: इस मेगा प्रोजेक्ट को सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

पर्यावरण और यातायात: फेज-2 शुरू होने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, प्रदूषण घटेगा और रोजाना लाखों यात्रियों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी।

विकसित राजस्थान की ओर कदम

यह प्रोजेक्ट राजस्थान टोड (TOD) पॉलिसी-2025 और राष्ट्रीय सतत शहरी परिवहन उद्देश्यों के अनुरूप है। वर्तमान में फेज-1 में रोजाना लगभग 60,000 यात्री सफर करते हैं, लेकिन फेज-2 के जुड़ने के बाद यह संख्या कई गुना बढ़ जाएगी।

जयपुर मेट्रो फेज-2 न केवल यातायात सुगम बनाएगा, बल्कि जयपुर को एक आधुनिक और 'फ्यूचर-रेडी' ग्लोबल सिटी के रूप में स्थापित करेगा। यह 'विकसित भारत' और 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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