तिरुवनंतपुरमःकेरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी यूडीएफ सरकार के गठन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गए वी डी सतीशन सोमवार सुबह 10 बजे राजधानी तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में अपने मंत्रिपरिषद के साथ शपथ ग्रहण करेंगे। शपथ समारोह से पहले रविवार को उन्होंने पूरी कैबिनेट सूची सार्वजनिक कर दी।
यह सरकार ऐसे समय में बन रही है जब यूडीएफ ने 2026 के विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत हासिल करते हुए दस वर्षों बाद फिर सत्ता में वापसी की है। रविवार को वी डी सतीशन ने लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की और मंत्रियों की सूची सौंप दी।
बाद में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सतीशन ने कहा कि लगभग छह दशक बाद ऐसा होगा जब मुख्यमंत्री के साथ पूरी कैबिनेट एक साथ शपथ लेगी। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने पहले ही अपने मंत्रियों के नाम घोषित कर दिए हैं। कांग्रेस के 63 विधायकों में कई योग्य नेता हैं, लेकिन सामाजिक संतुलन और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए सभी को मंत्रिमंडल में जगह देना संभव नहीं हो पाया।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार गठन की प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में पूरी की गई। उनके मुताबिक सहयोगी दलों और कांग्रेस नेतृत्व के साथ लगातार बातचीत के बाद 24 घंटे के भीतर पूरी प्रक्रिया समाप्त कर ली गई, जिसे उन्होंने केरल के इतिहास में सबसे तेज सरकार गठन बताया।
कैबिनेट में महिलाओं और अनुसूचित जाति प्रतिनिधित्व पर भी जोर
वी डी सतीशन ने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल के गठन में सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को प्रमुखता दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी योग्य नेताओं को जगह नहीं मिल सकी, क्योंकि महिलाओं और दलित समुदाय के प्रतिनिधित्व का ध्यान रखना भी जरूरी था। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति समुदाय से दो सदस्यों को शामिल किया गया है और महिलाओं को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है।
20 सदस्यीय कैबिनेट में वरिष्ठ नेताओं रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन, केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ के अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेताओं पी के कुन्हालीकुट्टी, पी के बशीर, एन समसुद्दीन, के एम शाजी और वी ई अब्दुल गफूर को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा मॉन्स जोसेफ, शिबू बेबी जॉन, अनूप जैकब, सी पी जॉन, ए पी अनिल कुमार, टी सिद्दीकी, पी सी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन, बिंदु कृष्णा, एम लिजू, के ए तुलसी और ओ जे जनीश को भी मंत्रिमंडल में स्थान मिला है।
सतीशन ने विधानसभा से जुड़े महत्वपूर्ण पदों की भी घोषणा की। वरिष्ठ नेता थिरुवंचूर राधाकृष्णन को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जाएगा, जबकि शानिमोल उस्मान उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगी। इसके अलावा विधायक अप्पू जॉन जोसेफ को सरकार का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री पद संभालने जा रहे वी डी सतीशन ने यह भी बताया कि विभागों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है और केवल कुछ मामूली बदलाव बाकी हैं। उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल को अंतिम सूची सौंपी जाएगी और उसके बाद राजपत्र अधिसूचना जारी होगी।
यूडीएफ की जीत को जनता के विश्वास का परिणाम बताया गया
मंत्री पद की शपथ लेने जा रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि पार्टी के भीतर चर्चा पूरी हो चुकी है और मुख्यमंत्री वी डी सतीशन राज्यपाल को सूची सौंप चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई वरिष्ठ नेता हैं और सभी को कैबिनेट में शामिल करना संभव नहीं था, लेकिन अधिकतम लोगों को समायोजित करने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने यूडीएफ को भारी जनादेश दिया है और नई सरकार लोगों को बेहतर प्रशासन देने का प्रयास करेगी।
रमेश चेन्निथला ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन नया नहीं है बल्कि पिछले चार दशकों से दोनों दल साथ मिलकर काम कर रहे हैं और यह संबंध आगे भी कायम रहेगा।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भी स्पष्ट किया कि नई सरकार में पार्टी के पांच मंत्री होंगे। इनमें पी के कुन्हालीकुट्टी, पी के बशीर, एन समसुद्दीन, के एम शाजी और वी ई अब्दुल गफूर शामिल हैं। पार्टी ने यह भी बताया कि कुट्टियाडी के विधायक परक्कल अब्दुल्ला को ढाई साल बाद आंतरिक समझौते के तहत मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा।
शपथ ग्रहण से पहले कई नेताओं ने अपनी प्राथमिकताओं को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस विधायक रोजी एम जॉन ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है और वे राज्य की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि केरल की जनता ने यूडीएफ को बड़ा जनादेश दिया है और सरकार अपने सभी वादों को पूरा करने का प्रयास करेगी।
वहीं के मुरलीधरन ने कहा कि नई सरकार अपने चुनावी वादों को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा जैसी गारंटियों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे एक मजबूत विपक्ष चाहते हैं और उनका विभाग अभी तय नहीं हुआ है।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के विधायक पी के बशीर ने मंत्री बनाए जाने पर खुशी जताते हुए कहा कि वे केरल के लोगों के लिए काम करेंगे। वहीं एन समसुद्दीन ने कहा कि उन्हें भविष्य की केरल कैबिनेट में प्रतिनिधित्व का अवसर मिला है और विभागों का फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। वी ई अब्दुल गफूर ने भी कहा कि पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री द्वारा जो जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे पूरी निष्ठा से निभाया जाएगा।
इस बीच वी डी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद संभालने से पहले सिरो-मलंकारा कैथोलिक चर्च के प्रमुख मार क्लेमिस बावा से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि यह आशीर्वाद उन्हें नई जिम्मेदारी निभाने की शक्ति देगा। वे सभी समुदायों का सम्मान करते हुए समावेशी शासन और राज्य के विकास को प्राथमिकता देंगे।
2026 के विधानसभा चुनावों में यूडीएफ ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी एलडीएफ के दस साल पुराने शासन का अंत कर दिया। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 140 सदस्यीय विधानसभा में कुल 102 सीटें जीतीं। कांग्रेस को 63 सीटें मिलीं, जबकि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने 22 सीटों पर जीत हासिल की। दूसरी ओर एलडीएफ को 35 सीटें मिलीं और बीजेपी तीन सीटें जीतने में सफल रही।