नयी दिल्लीः पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर राजनीतिक तनाव तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस प्रक्रिया को चुनाव से ठीक पहले लागू किए गए “योजना बद्ध कदम” करार देते हुए विरोध जताया। उनका आरोप था कि इस प्रक्रिया के दौरान राज्य के कई लोग बेवजह परेशान किए जा रहे हैं। सोमवार को ममता बनर्जी दिल्ली स्थित चुनाव आयोग पहुंचीं। उनके साथ SIR से प्रभावित परिवार के सदस्य और वोटर लिस्ट में ‘मृत’ बताये गए लोग भी मौजूद थे। ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और आयोग की फुल बेंच के साथ मीटिंग की। मीटिंग लगभग शाम 5:30 बजे समाप्त हुई।
बैठक के बाद ममता बनर्जी ने कहा, "हमारी बेइज्जती हुई है। हमने मीटिंग का बायकॉट किया और चले आए।" उन्होंने इस दौरान ज्ञानेश कुमार को 'झूठा' कहा और आरोप लगाया कि आम लोगों को इस प्रक्रिया के दौरान परेशान किया जा रहा है।
इलेक्शन कमीशन ने ममता बनर्जी के आरोपों पर कड़ा रुख दिखाया। आयोग के सूत्रों के अनुसार, ज्ञानेश कुमार ने सभी सवालों का जवाब दिया और ममता बनर्जी के आरोपों को बेबुनियाद बताया। आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी पर दबाव डालना, उनके काम में दखल देना या कानून हाथ में लेना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेताया कि कानून को हाथ में लेने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आयोग ने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायक मुख्य चुनाव आयुक्त और आयोग के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां कर रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं। अधिकारियों के काम में दखलअंदाजी या दबाव डालने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मीटिंग के बाद ममता बनर्जी ने फिर से तीखा हमला किया और कहा, "मैं दिल्ली में लंबे समय से राजनीति में हूं। मैं केंद्रीय मंत्री भी रही हूं, लेकिन मैंने इतना घमंडी आयोग कभी नहीं देखा। आम लोगों को इस तरह परेशान किया जा रहा है। मैंने कहा है कि आपको (मुख्य चुनाव आयुक्त) भी एक दिन भुगतना पड़ेगा। आपके पास BJP की ताकत है, हमारे पास जनता की ताकत है।"