नयी दिल्लीः नियमों की जकड़न में फंसा अमेरिका जाने का उज्ज्वल सपना। लेकिन सपने पूरे करने के लिए प्रयासरत लोग कब लालफीताशाही की बाधाओं पर रुके हैं! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त आव्रजन नीति के बावजूद अमेरिका जाने की उम्मीद भारतीयों के एक वर्ग की अब भी खत्म नहीं हुई है। इसलिए सीधा रास्ता न सही लेकिन अवैध तरीके से उस देश में प्रवेश करने से भी कई लोग पीछे नहीं हट रहे हैं।
अमेरिका के कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 2025 में हर 20 मिनट में औसतन एक भारतीय अवैध रूप से अमेरिका में घुसपैठ के आरोप में पकड़ा गया है। इतना ही नहीं संसद में दी गई जानकारी के अनुसार पूरे साल में लगभग 3 हजार से अधिक भारतीयों को अमेरिका से निर्वासित किया गया है।
बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी गिरफ्तार
अमेरिका के कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन विभाग ने 2025 के जनवरी से दिसंबर के बीच 23,830 भारतीयों को हिरासत में लिया है। हालांकि 2024 में अवैध रूप से अमेरिका में पकड़े गए भारतीयों की संख्या 85,119 थी। अंतरराष्ट्रीय समाचार माध्यमों की रिपोर्ट के अनुसार पकड़े गए भारतीय प्रवासियों में अधिकांश वयस्क हैं। दावा किया गया है कि मोटी कमाई और हाई-फाई जीवनशैली के लालच में सभी अमेरिका गए थे। डंकी रूट से अमेरिका में प्रवेश का हाई-रिस्क भी इन महत्वाकांक्षी भारतीयों को रोक नहीं पा रहा है। इन प्रवासियों में से अधिकांश पंजाब और गुजरात के निवासी हैं। अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश के आरोप में पकड़े गए एक प्रवासी ने कहा, “जीवन का जोखिम होने के बावजूद अगर एक बार पहुंच गए तो लाइफ सेट। डॉलर में थोड़ी कमाई भी भारतीय रुपये में बहुत होती है।” यह सोच केवल किसी एक अवैध भारतीय प्रवासी की नहीं है, बल्कि अमेरिका में बसने का सपना देखने वाले अधिकांश लोगों की यही धारणा है। उसी अधूरी मृगतृष्णा के पीछे भागते हुए कई लोग अवैध रास्ते से अमेरिका पहुंचते हैं।
उल्लेखनीय है कि दूसरी बार व्हाइट हाउस में आने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीज़ा नीति में कई बदलाव किए हैं। वीज़ा पाने के लिए अब आवेदकों की सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा वीज़ा शुल्क से लेकर अमेरिका में पढ़ाई कर रहे विदेशी छात्रों की अवधि में भी बदलाव किए गए हैं। ये बदलाव अमेरिका जाना चाहने वाले भारतीयों के अवसरों को और कम कर देते हैं, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी। पिछले साल के अंत में भारतीय वीज़ा इंटरव्यू अचानक टाल दिए जाने से अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे छात्र और महत्वाकांक्षी भारतीय भारी मुश्किल में पड़ गए हैं।