🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

भारत के जोरदार जवाब से घबराया पाकिस्तान, युद्धविराम की गुहार खुद इस्लामाबाद ने लगाई 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर स्विस रिपोर्ट का दावा

47 पन्नों की इस रिपोर्ट को सेंटर फॉर मिलिट्री हिस्ट्री एंड पर्सपेक्टिव स्टडीज यानी CHPM ने तैयार किया है।

By सायनी जोयारदार, Posted by: प्रियंका कानू

Jan 26, 2026 23:01 IST

नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान बुरी तरह घबरा गया था। युद्धविराम की अपील खुद इस्लामाबाद ने की थी। यह दावा स्विट्जरलैंड के एक सैन्य थिंक टैंक की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक 7 मई से 10 मई 2025 के बीच चले इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान को पूरी तरह काबू में कर लिया था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि चार दिनों के भीतर ही पाकिस्तान को सीजफायर मांगना पड़ा। यह 47 पन्नों की रिपोर्ट सेंटर फॉर मिलिट्री हिस्ट्री एंड पर्सपेक्टिव स्टडीज द्वारा तैयार की गई है। रिपोर्ट का शीर्षक है Operation Sindoor The India Pakistan Air War 7–10 May 2025। इस विदेशी रिपोर्ट में ऑपरेशन से जुड़ी तमाम जानकारियां विस्तार से दी गई हैं।

रिपोर्ट के अनुसार जैसे-जैसे ऑपरेशन सिंदूर आगे बढ़ता गया, पाकिस्तान के भीतर और गहराई तक हमले की स्थिति बनती चली गई। पाकिस्तानी वायुसेना भारतीय वायुसेना का प्रभावी जवाब देने की क्षमता खोती जा रही थी। 10 मई की सुबह तक भारतीय वायुसेना के ब्रह्मोस और SCALP-EG मिसाइलों ने जबरदस्त सफलता हासिल कर ली थी। इसके बाद इस्लामाबाद में खलबली मच गई क्योंकि तब तक पाकिस्तान के सर्विलांस रडार पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके थे। भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तानी एयरबोर्न सिस्टम को पूरी तरह नाकाम कर दिया था।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 7 मई की रात भारतीय वायुसेना ने दो बड़े स्ट्राइक किए। राफेल और मिराज-2000 लड़ाकू विमानों का लक्ष्य बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का ठिकाना और मुरिदके में लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा था। इनमें से एक स्ट्राइक पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में बेहद निचली उड़ान से की गई, जिसे रिपोर्ट में पॉप-अप अटैक कहा गया है। इसका मकसद पाकिस्तान को रणनीतिक जाल में फंसाना था। इसके जवाब में पाकिस्तान ने 30 से अधिक लड़ाकू विमान भेजे और PL-15 मिसाइलें दागीं। उनका मुख्य निशाना राफेल विमान थे।

छह भारतीय विमानों को गिराने के दावे पर रिपोर्ट क्या कहती है?

पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने भारत के छह विमानों को मार गिराया। लेकिन स्विस रिपोर्ट में उपलब्ध सबूतों के आधार पर कहा गया है कि भारत को केवल एक राफेल, एक मिराज-2000 और एक अन्य लड़ाकू विमान का नुकसान हुआ, जो संभवतः MiG-29 या Su-30MKI हो सकता है। भारत पहले ही पाकिस्तान के दावे को खारिज कर चुका है।

पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमले भी रहे नाकाम

रिपोर्ट के अनुसार 7 मई से पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन हमले शुरू किए। पहले चरण में 300 से ज्यादा ड्रोन भेजे गए और दूसरे चरण में करीब 600 ड्रोन। इसके साथ ही रॉकेट और बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी गईं। भारतीय सैन्य ठिकाने, एयरबेस, लॉजिस्टिक हब और एयर डिफेंस सिस्टम उनके निशाने पर थे लेकिन अधिकतर हमलों को भारतीय वायुसेना ने नाकाम कर दिया। जामिंग, स्पूफिंग और सेंसर फ्यूजन की मदद से अधिकांश ड्रोन और मिसाइलों को बेअसर कर दिया गया।

रिपोर्ट में भारतीय वायुसेना की इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम और भारतीय सेना के आकाशतीर नेटवर्क की भी जमकर सराहना की गई है। इस नेटवर्क के चलते रडार केवल जरूरत पड़ने पर ही सक्रिय किए गए, जिससे पाकिस्तान भारत की इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली को भेद नहीं सका।

पाकिस्तान की तीसरी कोशिश भी विफल

9 और 10 मई की रात पाकिस्तान ने एक और हमला करने की कोशिश की। निशाने पर S-400 सिस्टम, आदमपुर एयरबेस, श्रीनगर और कच्छ थे। लेकिन भारतीय सेना की इलेक्ट्रॉनिक जामिंग और लड़ाकू विमानों ने इस प्रयास को भी पूरी तरह विफल कर दिया। पाकिस्तान ने S-400 को नुकसान पहुंचाने का दावा किया था, लेकिन इसके समर्थन में कोई सबूत नहीं मिला। इसके बाद भारत ने जोरदार जवाबी कार्रवाई की। 10 मई की रात 2 बजे से सुबह 5 बजे के बीच भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी एयरबेस, रडार इंस्टॉलेशन और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल साइट्स पर सटीक मिसाइल हमले किए। सुबह 10 बजे रनवे पर खड़े विमानों को भी निशाना बनाया गया। कई पाकिस्तानी एयरबेस निष्क्रिय हो गए और रनवे व हैंगर तबाह हो गए।

नुकसान और सीजफायर पर रिपोर्ट का आकलन

रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 4 से 5 लड़ाकू विमान मार गिराए। इसके अलावा एक एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट, एक ट्रांसपोर्ट विमान, कई ड्रोन, कई रडार सिस्टम, कमांड सेंटर और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल बैटरियों को भी नष्ट किया गया। पाकिस्तान ने खुद अपने एक एयरबेस को हुए नुकसान की बात स्वीकार की थी। आखिरकार 10 मई की दोपहर पाकिस्तानी सेना ने युद्धविराम की मांग की, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकी ढांचे को नष्ट कर, पाकिस्तान के हवाई हमलों को विफल कर भारत ने अपनी राजनीतिक और सैन्य क्षमता का स्पष्ट प्रदर्शन किया।

यह रिपोर्ट स्विस सैन्य इतिहासकार एड्रियन फोंटानेलाज की है, जिसका अनुवाद बेनेडिक्ट स्मिथ ने किया है, जो भारत में फ्रांस के रक्षा अताशे रह चुके हैं। इसकी समीक्षा समिति में स्विस वायुसेना के सेवानिवृत्त मेजर जनरल, स्विस सेना के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ, एक रक्षा रणनीतिकार, एक राजनीतिक वैज्ञानिक और आंतरिक सुरक्षा व हथियार नीति के विशेषज्ञ शामिल थे।

Next Article
अजित पवार की मौत का रहस्य गहराया, DGCA की जांच में भयंकर लापरवाही का खुलासा !

Articles you may like: