नयी दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का ऊर्जा सेक्टर निवेशकों के लिए 500 अरब डॉलर का अवसर प्रस्तुत करता है। उनका कहना था कि देश अब ऊर्जा सुरक्षा से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इंडिया एनर्जी वीक 2026 के उद्घाटन समारोह में बताया कि तेल और गैस अन्वेषण में 100 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए देश ने 1 मिलियन वर्ग किलोमीटर क्षेत्र तेल और गैस की खोज और उत्पादन के लिए खोला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2030 तक प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी 15 फीसदी तक बढ़ाई जाएगी, जिससे LNG, पाइपलाइन और पेट्रोकेमिकल उत्पादों में बड़े निवेश अवसर पैदा होंगे।
मोदी ने भारत की वैश्विक ऊर्जा भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत तेल उत्पादों के शीर्ष पांच निर्यातकों में शामिल है और 150 से अधिक देशों को सप्लाई करता है। साथ ही भारत की रिफाइनिंग क्षमता वर्तमान में 260 मिलियन टन प्रति वर्ष है और इसे 300 मिलियन टन से अधिक करने की योजना है। उन्होंने कहा कि भारत में 170 से अधिक ब्लॉकों में अन्वेषण कार्य शुरू हो चुका है और अंडमान-निकोबार बेसिन अगले हाइड्रोकार्बन फ्रंटियर के रूप में उभर रहा है।
प्रधानमंत्री ने LNG की बढ़ती मांग पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि देश एलएनजी वाहक और पाइपलाइन नेटवर्क में निवेश कर रहा है और सिटी गैस वितरण तेजी से बढ़ रहा है। मोदी ने वैश्विक निवेशकों को सीधे आमंत्रित किया, "हम चाहते हैं कि आप Make in India, Innovate in India, Scale with India, Invest in India के जरिए भारत के ऊर्जा सेक्टर का हिस्सा बनें।" प्रधानमंत्री ने इसे रिफॉर्म्स एक्सप्रेस का हिस्सा बताते हुए कहा कि निवेशकों के लिए भारत का माहौल अब पहले से अधिक पारदर्शी और अनुकूल बन चुका है।