जब यूरिक एसिड बढ़ता है, तो जोड़ों में दर्द, सूजन और थकान जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। इसे कम करने के लिए हमेशा दवा खाने की आवश्यकता नहीं है।
आप इन 5 आयुर्वेदिक उपायों पर भरोसा कर सकते हैं:
गर्म पानी में नींबू
आयुर्वेद के अनुसार, नींबू यूरिक एसिड को कम करने में मदद करता है। सुबह खाली पेट हल्के गर्म पानी में कुछ बूंदें नींबू का रस मिलाकर पीने से लीवर की कार्यक्षमता बढ़ती है और शरीर से टॉक्सिन निकलते हैं। ध्यान रखें, इसमें शहद न मिलाएं क्योंकि शुगर और शहद इंसुलिन बढ़ा सकते हैं और यूरिक एसिड बढ़ा सकते हैं। रोज सुबह 1 गिलास पी सकते हैं।
गिलोय का रस
गिलोय मेटाबॉलिज्म को सुधारता है और रक्त शुद्ध करने में मदद करता है। यह सूजन और दर्द को कम करता है, जो उच्च यूरिक एसिड में बहुत लाभकारी है। 1 चम्मच गिलोय का रस आधा गिलास गर्म पानी में मिलाकर दिन में एक बार भोजन से पहले पिएँ।
हल्दी और अदरक
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन सूजनरोधी के रूप में काम करता है और जोड़ों के दर्द को कम करता है। अदरक रक्त संचार बढ़ाता है और टॉक्सिन निकालने में मदद करता है। हल्दी और अदरक का मिश्रण यूरिक एसिड नियंत्रण में अच्छा काम करता है। आधा चाय चम्मच हल्दी और एक छोटा टुकड़ा अदरक गर्म पानी में उबालकर दिन में 1 बार पिएँ।
त्रिफला चूर्ण
त्रिफला तीन दोष – वात, पित्त और कफ को संतुलित रखता है। यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है और कोलन को साफ रखता है। सही पाचन होने पर यूरिक एसिड जमा होने की संभावना कम होती है। रात को सोने से पहले 1 चम्मच त्रिफला को गर्म पानी या हल्का गर्म दूध में मिलाकर पिएँ।
गुलंच
यदि घर में गुलंच का पौधा है तो बहुत अच्छा है, नहीं तो बाजार से ले सकते हैं। गुलंच की पत्तियों और ड़ाल को रातभर पानी में भिगो दें। सुबह इसे निकालकर अच्छी तरह पीस लें। फिर 2 चम्मच मिश्रण को 1 गिलास पानी में उबालें और आधा होने पर छानकर पिएं।
और कौन से नियमों का पालन करें?
यूरिक एसिड की समस्या से मुक्त रहने के लिए पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही टमाटर, मटर, पालक, रेड मीट और शराब का सेवन कम करें। तली हुई, मीठी और पैकेज्ड चीजों से दूर रहें। रोज एक्सरसाइज करना लाभकारी है – 30 मिनट चलना या योगासन करना पर्याप्त है।