बाजार में वसंत की छुअन महसूस होने लगी है। सहजन के फूल नजर आने लगे हैं। वसंत ऋतु में स्वस्थ रहने का एक आसान उपाय है सहजन का फूल। इस मौसम में वायरल बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है। सामान्य बुखार और सर्दी-खांसी के साथ-साथ चिकन पॉक्स जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं। ऐसी बीमारियों के खतरे से बचने के लिए सहजन के फूल का कोई तोड़ नहीं है। हालांकि साल में केवल इसी समय सहजन के फूल मिलते हैं इसलिए इन कुछ दिनों में इन्हें खाने से आपको क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं? आइए जानें।
पोषण से भरपूर
सहजन के फूल में विटामिन ए, बी1, बी2, बी3 और सी भरपूर मात्रा में होते हैं। इसके अलावा कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे खनिज भी पाए जाते हैं। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। आयुर्वेद के अनुसार, यह फूल शरीर में जमा विषैले तत्वों को बाहर निकालता है और सर्दी-जुकाम की प्रवृत्ति को कम करता है।
क्रॉनिक बीमारियों का खतरा घटाए
सहजन के फूल में क्वेरसेटिन और क्लोरोजेनिक एसिड जैसे जरूरी एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो पुरानी बीमारियों के खतरे को कम करते हैं। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो सूजन को कम करने में मदद करते हैं। गठिया के दर्द से राहत देता है, रक्तचाप को नियंत्रित रखता है और हृदय रोग के जोखिम को घटाता है।
डायबिटीज का दुश्मन
सहजन का फूल रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने में सहायक है। यह इंसुलिन हार्मोन के स्राव और उसकी कार्यक्षमता को बनाए रखता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह बेहद फायदेमंद माना जाता है।
पाचन की समस्या दूर करे
सहजन के फूल में फाइबर होता है, जो बाउल मूवमेंट को बेहतर बनाता है और कब्ज की समस्या कम करता है। यह आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल तत्व पाचन तंत्र को हानिकारक पदार्थों से सुरक्षित रखते हैं।