सुबह नींद से उठते ही अचानक महसूस हुआ कि हाथों की उंगलियां मोड़ नहीं पा रहे हैं। पैरों की उंगलियों में तेज दर्द है। कुछ लोग तो घुटनों या कमर के दर्द के कारण बिस्तर से उठ भी नहीं पाते। कई लोग इसे उम्र से जुड़ा जोड़ों का दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी समस्याएं यूरिक एसिड बढ़ने की वजह से भी हो सकती हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, एक वयस्क व्यक्ति के शरीर में 3.4 से 7 मिलीग्राम तक यूरिक एसिड का स्तर सामान्य माना जाता है। हालांकि 6 के बाद से ही डॉक्टर सतर्क होने की सलाह देते हैं। यूरिक एसिड को नियंत्रण में रखने के लिए कई मामलों में दवाइयां भी जरूरी हो जाती हैं लेकिन सवाल यह है कि बाहर से कैसे पहचानें कि यूरिक एसिड बढ़ रहा है?
यूरिक एसिड बढ़ने के संकेत :-
1. शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर अलग अलग जोड़ों में दर्द शुरू हो सकता है। इनमें घुटने और टखने प्रमुख हैं। रात के समय दर्द ज्यादा बढ़ सकता है।
2. कुछ मामलों में यूरिक एसिड के कारण हाथों की उंगलियां, घुटने या कोहनी में सूजन और लालिमा आ सकती है। कई बार इसमें दर्द नहीं भी होता इसलिए शरीर में अचानक किसी भी तरह की सूजन दिखे तो सतर्क हो जाना चाहिए।
3. बार-बार पेशाब आने की इच्छा या पेशाब के रंग में बदलाव यूरिक एसिड बढ़ने का संकेत हो सकता है। अधिक यूरिक एसिड होने पर कभी कभी पेशाब के साथ खून भी आ सकता है।
4. यूरिक एसिड का स्तर ज्यादा होने पर मांसपेशियां अपनी लचीलापन खो सकती हैं और सख्त हो जाती हैं। इस वजह से अगर बार बार पीठ या कमर में दर्द हो तो सावधान रहना चाहिए।
5. कुछ लोगों में यूरिक एसिड बढ़ने से त्वचा रूखी और खुरदरी हो जाती है। हवा में नमी की कमी न होने पर भी चेहरे के आसपास, कोहनी या घुटनों की त्वचा छिलने लगती है।