पिछले 1 महीने से भी अधिक समय से मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच कल (8 अप्रैल) को युद्ध विराम की घोषणा की गयी थी। अमेरिका का दावा था कि युद्ध विराम के इस प्रस्ताव से इजरायल भी सहमत है लेकिन यह युद्ध विराम 24 घंटे भी नहीं टिक सका! प्राप्त जानकारी के अनुसार इजरायल के लेबनान पर किए हमले को सीज़फायर का उल्लंघन करार देते हुए ईरान ने एक बार फिर से होर्मूज जलसंधि (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने धमकी दी है कि ईरान को जो देश हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं उनपर 50% टैरिफ लगाया जाएगा।
फिर से बंद हुआ होर्मूज जलडमरूमध्य
economics times की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को युद्ध विराम की शर्तों के तहत ईरान ने होर्मूज जलडमरूमध्य को खोल दिया था। युद्ध विराम की घोषणा के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी से गिरावट देखी जा रही थी लेकिन तभी इजरायल ने लेबनान पर जबरदस्त हमला बोल दिया।
इस हमले की वजह से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से ऊपर जा रही हैं। युद्ध विराम की घोषणा के बाद संभावना जतायी जा रही थी कि लंबे समय से चल रहा तनाव अब जल्द ही खत्म होने वाला है। लेकिन युद्ध विराम की शर्तों का उल्लंघन होने के बाद फिर से ऊर्जा संकट गहराता हुआ नजर आ रहा है।
इजरायल युद्ध के लिए तैयार बैठा, ट्रंप की धमकी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायल ईरान के साथ फिर से युद्ध को शुरू करने के लिए तैयार बैठा है। उनका कहना है कि हमारी उंगली ट्रिगर पर ही है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर फिर से टैरिक की धमकी वाला पोस्ट किया है।
उन्होंने लिखा है कि जो देश ईरान को सैन्य हथियारों की आपूर्ति करवा रहे हैं उन देशों से अमेरिका को बेचे जाने वाले सामानों पर 50% टैरिफ लगाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
ईरान द्वारा होर्मूज जलडमरूमध्य को बंद करने की वजह से दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति पर फिर से खतरा मंडराने लगा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान का कहना है कि 'युद्ध' और 'युद्ध विराम' एक साथ नहीं चल सकता है। वाशिंगटन को इन दोनों में से किसी एक चीज को चुनना पड़ेगा। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि होर्मूज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद कर देने की वजह से विभिन्न देशों के तेलवाही जहाजों को वापस लौट जाना पड़ रहा है।
वैकल्पिक रास्ते से जाने की सलाह
इस बीच इस्लामिक रेवल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मूज प्रणाली से होकर जहाजों के गुजरने पर उनपर हमले की आशंका जताते हुए उन्हें वैकल्पिक रास्ते से लेकर जाने की सलाह दी है। बताया गया है कि ओमान सागर से लारक द्वीप के उत्तर से प्रवेश कर उपसागर की ओर बढ़ने और लारक द्वीप के दक्षिण से उपसागर से निकलकर ओमान सागर की बढ़ने की बात ईरानी सेना की ओर से कही गयी है।