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अबू धाबी में रूस-यूक्रेन शांति वार्ता का दूसरा दिन, उम्मीदें और चुनौतियाँ दोनों

अमेरिकी मध्यस्थता में जारी बातचीत लेकिन यूक्रेन में हमले नहीं रुके, ज़ेलेंस्की ने सहयोगी देशों से रूस पर दबाव बढ़ाने की अपील की

By रजनीश प्रसाद

Feb 05, 2026 17:51 IST

अबू धाबी: रूस और यूक्रेन के वार्ताकारों ने गुरुवार को अबू धाबी में अमेरिका की मध्यस्थता में शांति वार्ता का दूसरा दिन पूरा किया। वार्ता का उद्देश्य दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने के रास्ते तलाशना है। यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब रूस ने यूक्रेन के बिजली ग्रिड पर सर्दियों के हमले तेज कर दिए हैं और पिछले साल के तुलना में इस साल यूक्रेनी नागरिकों की मौतों में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के प्रमुख रुस्तेम उमेरोव ने कहा कि बातचीत कल की तरह त्रिपक्षीय परामर्श, समूह कार्य और विभिन्न पक्षों की स्थितियों के समन्वय के माध्यम से जारी है। इस बैठक में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर भी मौजूद थे। नाटो के यूरोप के सर्वोच्च सेनापति जनरल एलेक्सस ग्रिन्केविच भी वार्ता में शामिल हुए।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने सहयोगी देशों से अपील की कि रूस पर दबाव डाला जाए ताकि वह अपने आक्रमण को समाप्त करे। उन्होंने कहा कि युद्ध के बाद किसी भी संभावित रूसी हमले को रोकने के लिए सुरक्षा गारंटी बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि यूक्रेनियों को शांति की दिशा में वास्तविक प्रगति महसूस होनी चाहिए, न कि रूस के निरंतर हमलों का सामना करना पड़े।

हालांकि वार्ता के दौरान लड़ाई भी जारी रही। रूस ने नागरिकों को बिजली से वंचित करने और उनकी लड़ाई की इच्छाशक्ति को कमजोर करने के लिए यूक्रेन के बिजली नेटवर्क पर हमले किए। पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में लगभग 1,000 किलोमीटर लंबी अग्रिम पंक्ति पर भी संघर्ष जारी है।

मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच के अनुसार, पिछले साल यूक्रेनी नागरिक हताहतों में 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध शुरू होने से लेकर पिछले दिसंबर तक लगभग 15,000 यूक्रेनी नागरिक मारे जा चुके हैं और 40,000 से अधिक घायल हुए हैं।

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