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अब किन्नर साधु भी गंगासागर में जमाना चाहते हैं डेरा, भिक्षा मांगकर अगले साल की तैयारी में जुटे

By सागरद्वीप से लखन भारती

Jan 13, 2026 15:20 IST

सागरद्वीपः गंगासागर में सामान्य साधु, नागा साधु और महिला साधुओं को हक सालों से देखा जा रहा है लेकिन गंगासागर में पहली बार किन्नर साधु भी अघिकार मांगने लगे हैं। गंगासागर में किन्नरों साधुओं की संख्या अच्छी-खासी देखी गई। किन्नर साधुओं ने खुद को गंगासागर में आने वाले नागा साधुओं की दत्तक पुत्री बताते हैं। एई समय समाचार से हुई बातचीत में किन्नर साधुओं ने कहा कि वे पहले भी गंगासागर में आ चुके हैं लेकिन 2014 में किन्नर साधु बनने के बाद उनका गंगासागरमें आना पह पहली बार हुआ है। बाबाधाम से आये एक किन्नर साधु श्री श्री 1008 महा मंडलेश्वर मां गायत्री नंद गीरी ने बताया कि गंगासागर में पहली बार लगभग 20 किन्नर साधु आएं हैं। जिनमें बाबाधाम, कामाख्या मंदिर, तारापीठ समेत विभिन्न मठ-मंदिरों से किन्नर साधुओं को यहां आगमन हुआ है। इनमें दिल्ली की जगदंबा गीरी, तारापीठ से मां भैरवी नंद गीरी व अवंतिका चारुलता गीरी समेत 20 किन्नर हैं। किन्नर साधु श्री श्री 1008 महा मंडलेश्वर मां गायत्री नंद गीरी का कहना है कि अगले साल से किन्नर साधु गंगासागर में आना शुरु कर देंगे लेकिन इसके लिए बंगाल सरकार और प्रशासन को उनपर ध्यान देना होगा। वे चाहते हैं कि उनके लिए भी एक-एक कुटिया होना चाहिए। सम्मान के साथ वे लोग यहां आकर मेले के दौरान रह सके। हालांकि किन्नर साधुओं को कहना है कि सरकार और प्रशासन से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है। इसलिए वे सभी इस बार गंगासागर में भिक्षा मांग रही हैं। जो रुपये एकत्रित होंगे, उसकी मदद से अगले साल गंगासागर मेले में आकर खुद अपने खर्च से कुटिया बनवाएंगे। उसी कुटिया में वे रहेंगे। सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी रहेगी कि किन्नरों को गंगासागर में रहने में सहयोग करे। फिलहाल गंगासागर में जितने भी किन्नर पहुंचे हुए हैं वे सभी नागा साधुओं की मदद से यहां पहुंची हुई हैं। नागा साधुओं के साथ ही किन्नर साधुओं को देखा जा रहा है।

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