हिन्दी फिल्म जगत के वरिष्ठ निर्माता और पूर्व केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष पहलाज निहलानी का गुरुवार 4 जून 2026 को 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से फिल्म उद्योग में शोक की लहर है। उन्होंने अपने लंबे करियर के दौरान कई सफल व्यावसायिक फिल्मों का निर्माण किया और हिन्दी सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पहलाज निहलानी का नाम हिन्दी फिल्म उद्योग के चर्चित निर्माताओं में शुमार रहा। उन्होंने ‘इल्जाम’, ‘शोला और शबनम’, ‘आंखें’ और ‘अंदाज’ जैसी लोकप्रिय फिल्मों का निर्माण किया। उनका फिल्म निर्देशक डेविड धवन और अभिनेता गोविंदा के साथ लंबे समय तक पेशेवर संबंध रहा, जिसके परिणामस्वरूप कई सफल फिल्में दर्शकों तक पहुंचीं। परिवार की ओर से बताया गया है कि उनका अंतिम संस्कार आज 4 जून को दोपहर 3 बजे सांताक्रूज हिंदू श्मशान घाट में किया जाएगा।
पहलाज निहलानी ने 1980 के दशक की शुरुआत में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा। उनकी पहली फिल्म ‘हथकड़ी’ वर्ष 1982 में रिलीज हुई थी। इसके बाद 1985 में ‘आंधी-तूफान’ आई, जिसने उन्हें उद्योग में पहचान दिलाने में मदद की।
इसके बाद उन्होंने ‘गुनाहों का फैसला’, ‘पाप की दुनिया’, ‘मिट्टी और सोना’, ‘शोला और शबनम’ तथा ‘आंखें’ जैसी कई चर्चित फिल्मों का निर्माण किया। इनमें ‘आंखें’ 1990 के दशक की सबसे बड़ी बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल रही और इस फिल्म की सफलता ने उन्हें उद्योग के सफल निर्माताओं की श्रेणी में स्थापित किया। फिल्म निर्माण के अलावा पहलाज निहलानी ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। अपने करियर के बाद के वर्षों में उन्होंने वर्ष 2017 में रिलीज हुई फिल्म ‘जूली 2’ का निर्माण किया था।
हिन्दी सिनेमा और फिल्म प्रमाणन व्यवस्था दोनों क्षेत्रों में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके निधन से फिल्म जगत ने एक अनुभवी निर्माता और प्रशासक को खो दिया है।