नई दिल्ली : पिछले साल 27 अगस्त से 50 प्रतिशत के ट्रंप टैरिफ ने देश (यानी भारत) के जेम एंड ज्वेलरी सेक्टर पर लगातार दबाव बढ़ाया है। अब उस घाव पर मरहम लगाने की तैयारी यूरोपीय यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौते को लेकर अंतिम सहमति के जरिये की जा रही है। इसके चलते भारत के कारोबारी यूरोप के 27 देशों में निःशुल्क रत्न और आभूषणों का निर्यात कर सकेंगे। समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक यूरोपीय यूनियन प्राधिकरण मुक्त व्यापार समझौते के तहत भारत के रत्न और आभूषणों के निर्यात पर शुल्क को 4 प्रतिशत से घटाकर शून्य करने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप यूरोप में भारतीय आभूषण और सस्ते हो जाएंगे।
आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल अगस्त तक अमेरिका भारत का सबसे बड़ा जेम एंड ज्वेलरी बाजार था। उस समय देश के कुल रत्न और आभूषण निर्यात का 30 से 34 प्रतिशत अमेरिका जाता था लेकिन ट्रंप टैरिफ के दबाव में उस कारोबार के घटने की आशंका विशेषज्ञ जता रहे हैं। ऐसे में भारत के लिए जीरो ड्यूटी पर यूरोप के 7 लाख करोड़ रुपये के आभूषण बाजार में निर्यात का अवसर खुलने जा रहा है। विशेषज्ञों के एक वर्ग का मानना है कि इससे आने वाले दिनों में देश के रत्न और आभूषण निर्यात में और बढ़ोतरी होगी।
मंगलवार को जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) के अधिकारियों ने बताया कि उनके अनुमान के अनुसार अगले तीन वर्षों में रत्न और आभूषण क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार का आंकड़ा 91,000 करोड़ रुपये को पार कर सकता है।
विशेषज्ञों के एक वर्ग का मानना है कि फिनिश्ड उत्पाद तैयार करने की लागत कम होने के कारण यूरोप में सोने और स्टडेड कैटेगरी में भारत के निर्यात में आने वाले दिनों में बढ़ोतरी की संभावना है। इसके चलते देश में इस सेक्टर से जुड़े सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) में रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।