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खुद के खिलाफ ही युद्ध, यूरोपीय संघ के साथ नई दिल्ली के व्यापार समझौते से अमेरिका नाराज

यूरोप के अधिकांश देश यूक्रेन के पक्ष में खड़े हैं। तो फिर वे भारत के साथ व्यापार समझौता क्यों करेंगे? ऊपर से नई दिल्ली अभी भी रूस से तेल खरीद रही है।

By कौशिक भट्टाचार्य, Posted by : राखी मल्लिक

Jan 27, 2026 13:50 IST

नई दिल्ली : वाशिंगटन ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। कई दौर की बातचीत के बावजूद इसमें कोई कमी नहीं आई। इस तनाव के कारण नई दिल्ली ने यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता कर लिया। इसके बाद अमेरिका के वित्त सचिव स्कॉट ब्रेसेंट ने यूरोपीय नेताओं पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आप खुद ही अपने खिलाफ युद्ध में पैसा लगा रहे हैं। इसी के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी टिप्पणी की कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को रोक देंगे।

यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत 2007 में शुरू हुई थी। लंबे 18 वर्षों तक के लंबे चरणबद्ध बातचीत के बाद आखिरकार यह द्विपक्षीय व्यापारिक समझौता अंतिम रूप ले रहा है। इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ का नाम यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उरुसुला फॉन डर लायेन ने दिया है। वह पिछले शनिवार भारत पहुंची थीं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी बैठक में शामिल हुई। वह गणतंत्र दिवस समारोह में भी मौजूद थीं। फिलहाल समझौते की कानूनी जांच चल रही है। सब कुछ ठीक रहने पर 27 जनवरी को भारत और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि औपचारिक रूप से समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।

इस पर अमेरिका के वित्त सचिव स्कॉट ब्रेसेंट ने यूरोपीय नेताओं की तीव्र आलोचना भी की है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। उनका दावा है कि भारत रूस को तेल बेचकर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिए पैसा दे रहा है। हालांकि केवल अमेरिका ही नहीं पूरा यूरोप यूक्रेन के पक्ष में खड़ा है। इसी बीच इस समझौते के कारण ब्रेसेंट भारत के प्रति बेहद नाराज हैं। उन्होंने कहा कि आप समझ नहीं पा रहे हैं कि आप खुद ही अपने खिलाफ युद्ध में पैसा लगा रहे हैं।

भारत अमेरिका के साथ भी द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा कर रहा है। लेकिन नई दिल्ली कृषि और डेयरी उत्पादों के बाजार को अमेरिकी व्यवसायियों के लिए खोलने पर तैयार नहीं है। इसी वजह से बातचीत ठहर गई है। हालांकि इसके लिए ट्रंप की अपनी पार्टी के सीनेटर ट्रेड क्रूज ने व्हाइट हाउस को जिम्मेदार ठहराया। अमेरिकी समाचार माध्यम ऐक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कथित तौर पर ट्रंप को कहा था कि आपको व्हाइट हाउस छोड़ना होगा। सीनेट छोड़ना होगा। दो साल बाद से हर हफ्ते महाभियोग का सामना करना पड़ेगा।

यूरोप के अलावा कनाडा भी भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर रहा है। ट्रंप ने कनाडाई उत्पादों पर 35 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। इतना ही नहीं चीन के साथ व्यापार समझौता करने पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी भी दी है। इस स्थिति में कनाडा भी नई दिल्ली को एक आर्थिक और रणनीतिक साझेदार के रूप में देख रहा है। सूत्रों के अनुसार मार्च में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कॉर्नियर भारत का दौरा करेंगे। उस दौरान यूरेनियम, खनिज, ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े कई समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

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