नई दिल्लीः भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भारतीय दोपहिया वाहन निर्माताओं के लिए यूरोपीय बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के नए अवसर खोलेगा। उद्योग जगत के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि यह समझौता केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी की दिशा में बड़ा कदम है।
हीरो मोटोकॉर्प के सीईओ हर्षवर्धन चिताले ने कहा कि यह एफटीए ‘मेक इन इंडिया’ उत्पादों को यूरोप तक पहुंचाने में मदद करेगा और दोपहिया उद्योग के वैश्विक विस्तार को गति देगा। उन्होंने बताया कि इससे नियामकीय सहयोग मजबूत होगा, अनुसंधान एवं विकास (R&D), नवाचार और वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
टीवीएस मोटर कंपनी के चेयरमैन सुदर्शन वेणु ने कहा कि इस तरह के बड़े समझौते सिर्फ टैरिफ घटाने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि कारोबारी माहौल को बदलते हैं और आपूर्ति शृंखला को अधिक मजबूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि टीवीएस और नॉर्टन ब्रांड के साथ कंपनी यूरोप में उभरने वाले अवसरों पर फोकस करेगी।
बीएनपी पारिबा के विश्लेषक कुमार राकेश के अनुसार, भारत–ईयू एफटीए से रॉयल एनफील्ड जैसी मिड-साइज मोटरसाइकिल कंपनियों को भी लाभ हो सकता है, क्योंकि यूरोप में आयात शुल्क घटने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ईएमईए क्षेत्र रॉयल एनफील्ड के निर्यात में 26 प्रतिशत योगदान देता है, हालांकि कुल बिक्री में इसकी हिस्सेदारी अभी 3 प्रतिशत ही है। वर्तमान में भारत के कुल दोपहिया निर्यात में यूरोपीय संघ की हिस्सेदारी करीब 1 प्रतिशत है।