वाशिंगटन डीसी : अमेरिका में अनधिकृत प्रवासन में अचानक आई कमी और वहां रोजगार वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ने के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध सामने आया है। हाल ही में इस विषय पर फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ सैन फ्रांसिस्को ने एक सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रकाशित की है।
रिपोर्ट के अनुसार 2025 में कुल नए रोजगार सृजन की दर पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 88 प्रतिशत घट गई है। विशेष रूप से निर्माण और विनिर्माण उद्योग में इस मंदी का प्रभाव स्पष्ट है। अध्ययन में 2021 से अनधिकृत प्रवासियों की संख्या में हुई वृद्धि और मार्च 2024 से उसमें आई गिरावट की अवधि का विश्लेषण किया गया है। पाया गया कि जहां अवैध रूप से प्रवेश करने वाले श्रमिकों की संख्या अधिक थी, वहां स्थानीय रोजगार भी बढ़ा था। जैसे ही यह प्रवृत्ति कम हुई, रोजगार वृद्धि की दर भी गिर गई।
जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आव्रजन नीति को लेकर सख्त रुख अपनाया है, तब इस शोध के परिणाम उनके प्रशासन के लिए बहुत अधिक आश्वस्त करने वाले नहीं होंगे, ऐसा विशेषज्ञों के एक बड़े वर्ग का दावा है।
अनधिकृत प्रवासी उन लोगों को कहा जाता है, जो वैध अनुमति के बिना अमेरिका में प्रवेश करते हैं। कई लोगों को ‘नोटिस टू अपीयर’ देकर इमिग्रेशन अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया जाता है, ताकि वे शरण की मांग कर सकें या निर्वासन के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ सकें। पूर्व घटनाओं से पता चला है कि मामलों के निपटारे में एक वर्ष से लेकर कई वर्ष तक का समय लग सकता है और इस दौरान अधिकांश को देश में रहने की अनुमति मिल जाती है।
फेड के अर्थशास्त्री डैनियल विल्सन और शियाओछिंग झोउ ने अपने विश्लेषण में दिखाया है कि जहां अनधिकृत प्रवासी श्रमिकों की संख्या में अधिक गिरावट आई, वहां निर्माण, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में रोजगार वृद्धि भी उतनी ही धीमी हुई। विशेष रूप से आवास निर्माण क्षेत्र पर इसका उल्लेखनीय प्रभाव पड़ा है। उनके अनुसार श्रमिकों की यह कमी आवास आपूर्ति में वृद्धि की रफ्तार को भी प्रभावित कर सकती है।
संशोधित सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2025 में अमेरिका में 1 लाख 81 हजार नए रोजगार सृजित हुए, जबकि 2024 में अर्थात पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
जो बाइडेन के अंतिम वर्ष में यह संख्या 14 लाख 59 हजार थी। अर्थशास्त्रियों के एक वर्ग का मानना है कि प्रवासन में कमी भी इस मंदी का एक कारण हो सकती है। यदि अवैध श्रमिकों की आमद में गिरावट जारी रहती है, तो रोजगार पर नीचे की ओर दबाव बना रह सकता है।
दूसरी ओर ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि सख्त आव्रजन नीति से अमेरिकी श्रमिकों को लाभ होगा और आवास की मांग कम होकर बाजार पर दबाव घटेगा।
गौरतलब है कि सत्ता में लौटने के बाद ट्रंप ने एक्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए सीमा पर निगरानी बढ़ाने, अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज की है। कार्यस्थलों पर अवैध प्रवासियों को पकड़ने के अभियान बढ़ाने और शरण आवेदन के मानदंड कठोर करने जैसे कई कदम उठाए हैं।