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AI ट्रांसफॉर्मेशन में भारत सबसे आगे है: मोदी

सोमवार को India AI Impact Summit 2026 का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया।

By देवार्घ्य भट्टाचार्य, Posted by : राखी मल्लिक

Feb 17, 2026 17:14 IST

नई दिल्ली : पिछले दो सप्ताह से पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की हलचल ने सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों को हिला कर रख दिया है। 30 जनवरी को अमेरिकी AI फर्म Anthropic ने ‘Claude CoWork’ नामक AI टूल लॉन्च किया और निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया। यह डर कि AI प्लगइन्स भविष्य में व्यापारिक कार्य संभाल सकते हैं, निवेशकों को तेजी से IT कंपनियों के शेयर बेचने पर मजबूर कर गया। इसकी वजह से पिछले नौ दिनों में भारत की IT कंपनियों के शेयरों से 5.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बाजार पूंजी गायब हो गया। सोमवार को भी कई IT कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे।

जब तकनीकी बाजार नई दिशा की ओर बढ़ रहा है, ठीक उसी समय भारत भी AI के लिए दीर्घकालिक योजनाएं बना रहा है, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया।

सोमवार को India AI Impact Summit 2026 के उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री ने X (पूर्व ट्विटर) से संदेश भेजते हुए कहा कि AI ट्रांसफॉर्मेशन के मामले में भारत सबसे आगे है। डिजिटल ढांचा, स्टार्टअप इकोसिस्टम, और अत्याधुनिक अनुसंधान में AI का उपयोग हमारी महत्वाकांक्षा और जिम्मेदारी दोनों को दर्शा रहा है। इसलिए उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों का धन्यवाद किया।

इस अवसर पर उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य सेवा, कृषि, शासन और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बड़े बदलाव ला रहा है। AI समिट में इस तकनीक के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा सभी के लिए समृद्धि का साधन होगी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि आगामी दिनों में AI किन-किन अवसरों को पैदा कर सकता है, यह समिट में सामने आएगा।

समाचार रिपोर्ट के अनुसारसोमवार शाम को नई दिल्ली में भारत मंडप में AI Impact Summit का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया। उन्होंने एक्सपो में आने वाले AI स्टार्टअप्स के अधिकारियों के साथ चर्चा भी की। इसके बाद X पर उन्होंने कहा कि यहां आए शोधकर्ता और तकनीक में रुचि रखने वाले संभावनाशील हैं। हम केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए समाधान बनाएंगे।

यह पहली बार है कि AI समिट का आयोजन नई दिल्ली ने किया। इसमें विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों से लेकर कई टेक कंपनियों के प्रमुख उपस्थित होंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुएल मैक्रॉन, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला दा सिल्वा, और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी इसमें शामिल होंगे।

दूसरी ओर समिट के उद्घाटन समारोह में देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि उन्नत अर्थव्यवस्था में AI पूरक के रूप में काम कर सकता है। लेकिन भारत की विशाल जनसंख्या के लिए यह एक ‘स्ट्रेस टेस्ट’ है। इसलिए हर साल लाखों रोजगार सृजित करने होंगे। जितनी देरी होगी, उतना ही दबाव बढ़ेगा, क्योंकि हर साल अवसरों के विकल्प कम होते जाएंगे।

इस बीच केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने AI के लिए नियमों और ढांचे के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार हम विभिन्न उद्योगों में AI के तकनीकी और कानूनी ढांचे का मूल्यांकन कर रहे हैं। दुनिया भर में इस पर सहमति बनाकर ढांचा तैयार करना होगा। इसके साथ ही कंटेंट क्रिएटर्स के कॉपीराइट उल्लंघन से बचाने के लिए तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।

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