नई दिल्लीः Wipro की ग्लोबल चीफ प्राइवेसी और AI गवर्नेंस अधिकारी इवाना बार्टोलेट्टी ने सोमवार को ‘इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट’ में कहा कि भारत में स्केलेबल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, विशाल तकनीकी प्रतिभा और मजबूत कानूनी ढांचा होने के कारण देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में वैश्विक संगठनों के लिए एक भरोसेमंद साझेदार है।
उन्होंने कहा, "भारत में शानदार संभावनाएं हैं। सबसे बड़ा लाभ है वह क्षमता, जो आपने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), जैसे UPI के माध्यम से बड़े पैमाने पर तकनीकी समाधान देने में दिखाई है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि AI की सबसे बड़ी चुनौती है इसे बड़े पैमाने पर लागू करना।"
AI गवर्नेंस और नैतिकता
बार्टोलेट्टी ने बताया कि Wipro AI गवर्नेंस और जिम्मेदारी को बहुत गंभीरता से लेती है और कंपनी की मूल्य प्रणाली में नैतिकता को सर्वोपरि रखना गहराई से निहित है।
उन्होंने कहा, "AI ने स्वास्थ्य, शिक्षा और समावेशी उपकरणों जैसे क्षेत्रों में अपार लाभ दिए हैं। उदाहरण के लिए, यह उन्नत मेडिकल डायग्नोस्टिक्स और विशेष जरूरत वाले बच्चों की शिक्षा में मदद करता है।"
AI के जोखिम और वैश्विक दृष्टिकोण
उन्होंने चेताया कि AI के साथ जोखिम भी जुड़े हैं। बार्टोलेट्टी ने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में हमने देखा कि AI का उपयोग सिंथेटिक इमेज और गलत सूचना फैलाने के लिए हुआ और लोगों को विभाजित करने और ऑनलाइन 'इको चैम्बर्स' बनाने में भी AI का इस्तेमाल हुआ।"
उन्होंने बताया कि इसलिए दुनिया के कई देशों ने AI के मूल्य को लाभकारी बनाते हुए जोखिम को कम करने के लिए रणनीतियां तैयार की हैं। हालांकि, AI के तेजी से विकसित होने के कारण यह आसान काम नहीं है।
भविष्य में AI गवर्नेंस की अहमियत
बार्टोलेट्टी ने आगे कहा, "भविष्य में AI गवर्नेंस महत्वपूर्ण होगा। हमें मौजूदा कानूनों का उपयोग करना होगा। नए दिशानिर्देश और नियम तैयार करने होंगे ताकि कंपनियां प्राइवेसी, सुरक्षा, लचीलापन और कानूनी सुरक्षा को AI डिजाइन में निहित कर सकें।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि AI के साथ जुड़े जोखिम और लाभ को संतुलित करने के लिए नैतिक और कानूनी ढांचा हर देश के लिए जरूरी है।