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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में टीना अंबानी से पूछताछ की तैयारी, ईडी ने फिर भेजा समन

न्यूयॉर्क की लग्जरी संपत्ति से जुड़े कथित मनी ट्रेल की जांच तेज। अनिल अंबानी को भी 18 फरवरी को पेश होने का निर्देश।

By श्वेता सिंह

Feb 17, 2026 01:25 IST

नई दिल्लीः रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी की पत्नी और पूर्व अभिनेत्री टीना अंबानी मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश हो सकती हैं। एजेंसी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए दूसरा समन जारी किया है।

69 वर्षीय टीना अंबानी को पहले 10 फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुईं। इसके बाद उन्हें 17 फरवरी को तलब किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, उनके बयान को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज किया जाएगा।

यह मामला रिलायंस समूह की कुछ कंपनियों और उनके बैंक ऋण से जुड़ी जांच का हिस्सा है। 66 वर्षीय अनिल अंबानी को भी 18 फरवरी को दूसरी बार पेश होने के लिए कहा गया है। वे इससे पहले अगस्त 2025 में ईडी के समक्ष पेश हो चुके हैं।

न्यूयॉर्क की संपत्ति पर फोकस

टीना अंबानी से न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में एक लग्जरी कंडोमिनियम की खरीद से जुड़े कथित मनी ट्रेल के संबंध में पूछताछ की जानी है।

ईडी ने हाल ही में रिलायंस कम्युनिकेशन के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग को इस मामले में गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि 2023 में कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) के दौरान न्यूयॉर्क स्थित संपत्ति की “धोखाधड़ीपूर्ण” तरीके से बिक्री की गई।

एजेंसी के मुताबिक, 8.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 69.55 करोड़ रुपये, वर्ष 2023 के अनुसार) की बिक्री राशि अमेरिका से एक कथित फर्जी निवेश व्यवस्था के जरिये दुबई स्थित एक इकाई को भेजी गई जो पाकिस्तान से जुड़े एक व्यक्ति के नियंत्रण में थी। यह लेन-देन समाधान पेशेवर (RP) की जानकारी या अनुमति के बिना किया गया था। बताया गया है कि RCOM ने इस कथित अनियमित बिक्री की जानकारी 2025 में शेयर बाजार को दी थी।

एसआईटी का गठन, 12,000 करोड़ की संपत्ति कुर्क

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ईडी ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है।

जांच के तहत अब तक करीब 12,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। रिलायंस समूह की कंपनियों के खिलाफ तीन ईसीआईआर (ECIR) दर्ज किए गए हैं। हालांकि इन समनों को लेकर रिलायंस समूह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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