नई दिल्लीः केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Snapdeal पर गैर-बीआईएस प्रमाणित खिलौने बेचने के मामले में 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई खिलौना (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2020 के उल्लंघन के तहत की गई है, जो 1 जनवरी 2021 से लागू है। भारत में बिकने वाले सभी खिलौनों के लिए बीआईएस प्रमाणन अनिवार्य करता है।
सीसीपीए की मुख्य आयुक्त निधि खरे ने बताया कि प्राधिकरण ने मामले का स्वतः संज्ञान लेकर जांच की। इसमें पाया गया कि डीलिस्ट करने के दावे के बावजूद दिसंबर 2025 तक गैर-मानक खिलौने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध थे। केवल दो विक्रेताओं-स्टैलियन ट्रेडिंग कंपनी और थ्रिफ्टकार्ट के माध्यम से इन खिलौनों की बिक्री से स्नैपडील को 41,032 रुपये की फीस मिली।
जांच में सामने आई गंभीर कमियां
जांच के दौरान कई अहम मुद्दे उजागर हुए:
उत्पाद विवरण में कमी: कई खिलौनों की लिस्टिंग में निर्माता का नाम, पता और अनिवार्य बीआईएस प्रमाणन संख्या जैसी जरूरी जानकारी नहीं थी।
अपर्याप्त प्लेटफॉर्म सतर्कता: स्नैपडील ने केवल विक्रेता की स्व-घोषणा पर भरोसा किया, बिना किसी स्वतंत्र सत्यापन के।
सक्रिय नियंत्रण: सीसीपीए ने यह भी नोट किया कि प्लेटफॉर्म ‘मार्केटप्लेस’ होने के दावे के बावजूद लेन-देन पर पर्याप्त नियंत्रण रखता है। उदाहरण के लिए, “तूफान सेल” और “डील ऑफ द डे” जैसी प्रमोशन गतिविधियों के जरिए उत्पादों को बढ़ावा देना, गुणवत्ता व मूल्य टैग लगाना, लॉजिस्टिक्स, रिफंड और रिप्लेसमेंट योजनाओं का प्रबंधन।
सीसीपीए ने इस दलील को खारिज किया कि स्नैपडील केवल एक मध्यस्थ की तरह है। यह स्पष्ट किया कि अब ‘कैविएट वेंडिटर’ (विक्रेता सावधान रहे) की अवधारणा लागू होती है। इसका मतलब यह कि उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी केवल विक्रेता की नहीं बल्कि प्लेटफॉर्म की भी है।
सख्त निर्देश और नियामकीय जिम्मेदारी
जुर्माने के अलावा सीसीपीए ने स्नैपडील को निर्देश दिया है:
-भविष्य में कोई भी गैर-बीआईएस प्रमाणित खिलौना सूचीबद्ध, प्रदर्शित या विज्ञापित न हो।
-उपभोक्ताओं के लिए संपर्क नंबर, ई-मेल और शिकायत अधिकारी का विवरण स्पष्ट और प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए।
सीसीपीए ने यह भी नोट किया कि Section 2(10) के तहत उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत गैर-मानक खिलौनों को “दोषपूर्ण” माना जाएगा। ऐसे खिलौनों की बिक्री भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार आचरण के अंतर्गत आती है। साथ ही, उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 के तहत कोई भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अपने मंच पर अनुचित व्यापार प्रथाओं को नहीं अपना सकता।
सीसीपीए ने अमेजन और फ्लिपकार्ट समेत अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और संबंधित विक्रेताओं को भी नोटिस जारी किया है। यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि डिजिटल मार्केटप्लेस में उपभोक्ता सुरक्षा को गंभीरता से लिया जाएगा।
स्नैपडील का बयान
स्नैपडील के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी एक सुरक्षित और भरोसेमंद मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और लागू कानूनों के पालन को सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता और दायित्व से जुड़े मामले कई उच्च न्यायालयों में लंबित हैं और कंपनी उचित न्यायिक समीक्षा का विकल्प अपनाएगी।
यह मामला ई-कॉमर्स सेक्टर में उपभोक्ता सुरक्षा और प्लेटफॉर्म जिम्मेदारी पर जोर देता है। सीसीपीए ने स्पष्ट किया कि अब प्लेटफॉर्म केवल लेन-देन की सुविधा देने वाला माध्यम नहीं है। उस पर यह जिम्मेदारी भी है कि प्रत्येक उत्पाद सुरक्षित, प्रमाणित और मानक अनुसार हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश न केवल स्नैपडील बल्कि पूरे ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए सख्त संदेश है। भविष्य में प्लेटफॉर्म्स को विक्रेताओं द्वारा सूचीबद्ध उत्पादों का स्वतंत्र सत्यापन और नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।