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भारत दौरे पर आएंगे ब्राजील के राष्ट्रपति, कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय समझौतों की संभावना

व्यापार, दवा निर्यात, महत्वपूर्ण खनिज और सिविल एविएशन क्षेत्र में इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।

By अंशुमान गोस्वामी, Posted by : राखी मल्लिक

Feb 14, 2026 11:58 IST

नई दिल्ली : ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा अगले सप्ताह भारत दौरे पर आ रहे हैं। लूला की इस यात्रा के दौरान दोनों देश कई महत्वपूर्ण समझौतों को अंतिम रूप दे सकते हैं, ऐसा सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है। व्यापार, दवा निर्यात, महत्वपूर्ण खनिज और सिविल एविएशन क्षेत्रों में ये समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।

कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार ये समझौते भारत के फार्मास्यूटिकल निर्यात को बढ़ाने में मदद करेंगे। साथ ही लैटिन अमेरिका में महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों तक भारत की पहुंच और मजबूत होगी। सिविल एविएशन क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

भारत में ब्राजील के राजदूत केनेथ एच दा नोब्रेका ने बताया कि दोनों देशों के बीच ‘पीपल-टू-पीपल’ संपर्क में भी बड़ी प्रगति होने जा रही है। ब्राजील भारतीय पर्यटकों के लिए 10 साल का मल्टीपल-एंट्री वीजा शुरू करने की घोषणा कर सकता है। राजदूत ने यह भी संकेत दिया कि भारतीय पेशेवरों के लिए बिजनेस वीजा प्रक्रिया को भी सरल किया जा रहा है। इससे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को और गति मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में संभावित MoU को ‘विन-विन’ करार देते हुए नोब्रेका ने कहा कि ब्राजील की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को बड़ी मात्रा में दवाओं की आवश्यकता है। प्रतिस्पर्धी कीमतों के कारण भारतीय निर्यातक उस बाजार में मजबूत स्थिति बना सकते हैं।

महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में भी एक अलग MoU पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। ब्राजील इस समय क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर के विकास पर जोर दे रहा है। लैटिन अमेरिका में विशाल खनिज भंडार होने के कारण भारत इस क्षेत्र में दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग में रुचि रखता है।

इसके अलावा अडानी ग्रुप और ब्राजील की विमान निर्माण कंपनी एम्ब्रेयर के बीच दूसरे MoU पर हस्ताक्षर की भी संभावना है। पिछले महीने आदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और एम्ब्रेयर ने भारत में क्षेत्रीय परिवहन विमान के निर्माण के लिए एक उत्पादन केंद्र स्थापित करने को लेकर समझौता किया था।

भारत और ब्राजील ब्रिक्स सहित कई बहुपक्षीय मंचों पर करीबी सहयोगी हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक संबंध तेजी से बढ़े हैं। लूला की यह यात्रा उन संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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