नई दिल्ली: शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये ने नया ऐतिहासिक निचला स्तर दर्ज किया। 1 डॉलर के मुकाबले तकरीबन 91.99 रुपये पर पहुंचकर भारतीय मुद्रा ने अब तक का सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले बुधवार को डॉलर के मुकाबले न्यूनतम दर 91.74 रुपये थी।
गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपये की दर 91.41 थी। वहां से लगातार गिरावट के चलते यह शुक्रवार को 91.99 तक पहुंच गया, जबकि बाजार बंद होने के समय यह 91.93 पर रहा।
विशेषज्ञों के अनुसार 2025 में अब तक रुपये की कीमत में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है, जिसमें जनवरी महीने में ही रुपये ने 2 प्रतिशत से अधिक कमजोरी दर्ज की। इसी सप्ताह रुपये में 1.2 प्रतिशत की गिरावट हुई, जो पिछले छह महीनों में किसी भी सप्ताह के मुकाबले सबसे बड़ी है।
रुपए में गिरावट के पीछे कई कारण सामने आए हैं। चालू महीने में सेंसेक्स और निफ्टी 50 के अंक लगातार गिरे हैं। इसके साथ ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा भारतीय बाजार से निवेश निकालने का रुझान भी जारी है। एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार जनवरी में विदेशी निवेशकों ने 31,334 करोड़ रुपये का निवेश निकाला।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन सभी घटनाओं ने रुपये पर अतिरिक्त दबाव डाला है, जिससे मुद्रा के गिरते स्तर का रिकॉर्ड टूट गया।