कोलकाता : कोलकाता में आयोजित 49वें अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले में इस वर्ष भी रूस ने अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई है। रूस का स्टॉल गेट नंबर 1 और 2 के बीच, विदेशी प्रकाशकों के स्टॉल क्षेत्र में स्टॉल नंबर F -13 पर लगाया गया है। इस बार रूस को स्टॉल के लिए बड़ा स्थान दिया गया इसलिए स्टॉल का आकार भी बड़ा और आकर्षक बनाया गया है।
स्टॉल के अंदर रूस की संस्कृति और इतिहास से जुड़ी प्रदर्शनी लगाई गई है। यहां रूस की ऐतिहासिक धरोहरों, प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों और प्रमुख पर्यटन स्थलों के चित्र लगाए गए हैं। इन चित्रों के माध्यम से रूस के इतिहास, संघर्ष और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलती है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
इस स्टॉल पर रखी गई सभी पुस्तकें केवल प्रदर्शनी के लिए हैं। कोई भी किताब बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। इस बात की जानकारी स्टॉल पर साफ-साफ लिखकर लगाई गई है। प्रदर्शनी में मौजूद किताबें चार भाषाओं - हिंदी, बंगाली, अंग्रेजी और रूसी में उपलब्ध हैं। इनमें लियो टॉल्स्टॉय, अलेक्जेंडर पुश्किन जैसे प्रसिद्ध लेखकों की रचनाएं, शास्त्रीय और आधुनिक साहित्य, बच्चों की किताबें और पोस्टर भी शामिल हैं।
रूसी प्रतिनिधियों के अनुसार, यह स्टॉल केवल पुस्तकों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि इसे एक छोटे सांस्कृतिक केंद्र के रूप में तैयार किया गया है। यहां आने वाले लोग रूस में शिक्षा, विशेषकर चिकित्सा अध्ययन से जुड़ी जानकारी भी प्राप्त कर रहे हैं। प्रतिनिधि उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं।
भारत और रूस के लंबे और पुराने संबंधों के कारण कोलकाता और बंगाल के लोगों में रूस को लेकर खास रुचि देखने को मिल रही है। आयोजकों को उम्मीद है कि यह स्टॉल लोगों को रूसी भाषा, साहित्य और संस्कृति से जोड़ने में सफल होगा।