कोलकाता : कोलकाता अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले के तीसरे दिन पाठकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजकों की ओर से लेआउट प्लान यानी पुस्तक मेले का मैप व्यापक रूप से उपलब्ध कराया गया। इस वर्ष पुस्तक मेले का आयोजन बड़े स्तर पर किया गया है जिसके तहत कुल नौ प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। मयुख भवन के सामने स्थित गेट नंबर एक से लेकर करूणामयी बस स्टैंड की ओर गेट नंबर नौ तक फैले इस मेले का आकार दर्शाता है कि यह अब तक के सबसे बड़े आयोजनों में से एक है।
मेले में लगभग एक हजार से अधिक प्रकाशकों के स्टॉल लगे हुए हैं। ऐसे में पाठकों के लिए यह जानना जरूरी हो जाता है कि कौन सा प्रकाशक किस स्थान और किस नंबर पर स्थित है। इसी उद्देश्य से पब्लिशर्स एंड बुकसेलर्स गिल्ड की ओर से डिजिटल लेआउट प्लान की सुविधा दी गई है। जगह-जगह क्यूआर कोड लगाए गए हैं जिन्हें मोबाइल से स्कैन कर पाठक अपने फोन पर ही पूरा मैप देख सकते हैं और सीधे मनचाहे स्टॉल तक पहुंच सकते हैं।
इसके अलावा गिल्ड हाउस या पुस्तक मेले के कार्यालय के पास प्रिंटेड मैप की व्यवस्था भी की गई है। हालांकि इस बार कागज के कम उपयोग को ध्यान में रखते हुए छपे हुए नक्शे सीमित संख्या में ही रखे गए हैं। आयोजकों के अनुसार यह सुविधा मुख्य रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए है, ताकि मोबाइल तकनीक के इस्तेमाल में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
युवा पाठकों द्वारा जब प्रिंटेड मैप की मांग की गई तो उन्हें मोबाइल पर डिजिटल मैप देखने की सलाह दी गई। आयोजकों का मानना है कि युवा वर्ग तकनीक के प्रति अधिक जागरूक है और ऑनलाइन माध्यम का आसानी से उपयोग कर सकता है। कुल मिलाकर डिजिटल मैप की यह पहल न केवल मेले को अधिक व्यवस्थित बना रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम साबित हो रही है।