22 जनवरी से सॉल्टलेक के सेंट्रल पार्क, जिसे अब बोईमेला प्रांगण कहा जाता है, में अंतर्राष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला 2026 की शुरुआत हो चुकी है। अगर आप भी आज यानी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की छुट्टी का इस्तेमाल पुस्तक मेला में घूमने के लिए करना चाहते हैं लेकिन समझ में नहीं आ रहा है कि वहां तक कैसे पहुंचे?
तो हम आपकी मदद कर देते हैं। कोलकाता पुस्तक मेला परिसर मेट्रो से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। तो चलिए जान लेते हैं कि मेट्रो, बस और कैब से कैसे पहुंचेंगे अंतर्राष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला!
मेट्रो का रूट :
अगर आप मेट्रो से पुस्तक मेले तक आना चाहते हैं तो आपको ग्रीन लाइन मेट्रो लेना होगा। आप अपने घर से नजदीकी मेट्रो स्टेशन से मेट्रो लेकर एस्प्लेनेड पहुंच जाएं। यहां से मेट्रो लाइन बदलकर आपको सॉल्टलेक सेक्टर 5 से हावड़ा मैदान के बीच चलने वाली ग्रीन लाइन मेट्रो लेनी होगी। अपनी सुविधानुसार उतरने का स्टेशन चुन लें :
करुणामई मेट्रो स्टेशन - सबसे आखिरी गेट, गेट नंबर 7 के सामने। महज 2 मिनट पैदल।
सेंट्रल पार्क मेट्रो स्टेशन - लगभग 0.6 किलोमीटर चलना होगा।
किराया - दमदम से करुणामई मेट्रो स्टेशन का किराया ₹45
पुस्तक मेला परिसर के गेट नंबर 1 और 2 के बीच स्पेशल मेट्रो टिकट का काउंटर मौजूद है जहां से आप UPI के माध्यम से सीधा मेट्रो का टिकट खरीद सकते हैं। कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी।
खासतौर पर पुस्तक मेले के लिए ग्रीन लाइन पर हर 12 मिनट के अंतराल पर मेट्रो सेवाएं उपलब्ध है। आखिरी मेट्रो रात को 10 बजे खुलेगी।
बस से कैसे जाएं?
- करुणामई बस टर्मिनस से कई प्रमुख इलाकों के लिए जैसे हावड़ा, सियालदह, बैरकपुर, बारासात, गरिया और सांतरागाछी आदि के लिए विशेष बसें खुलती हैं।
- VS12 (सांतरागाछी) और AC59 (हावड़ा स्टेशन) के लिए बसें मिल सकती हैं।
आप चाहे तो फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 'कोलकाता बस-ओ-पेडिया' पेज को फॉलो कर सकते हैं। वहां रियल टाइम में बसों से संबंधित जानकारियां साझा की जाती है।
ऐप कैब कियॉस्क
अगर आप यातायात के सार्वजनिक साधनों के बजाए ऐप कैब से आवाजाही करने में ज्यादा सहज महसूस करते हैं तो पुस्तक मेला के गेट नंबर 1 के पास पहुंच जाएं। यहां आपको ओला, उबर, रैपिडो और यात्री साथी के कियॉस्क मिल जाएंगे। इसके अलावा भी कोई उलझन होती है तो गेट नंबर 2 के पास स्थित एसिस्टेंस बूथ से संपर्क कर सकते हैं।
इसके अलावा निजी गाड़ी से आने पर यहां पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध है लेकिन भीड़ की वजह से थोड़ी समस्या हो सकती है। गाड़ी पार्क करने के बाद थोड़ा लंबा रास्ता पैदल चलकर पुस्तक मेला परिसर तक पहुंचना पड़ सकता है।