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कोलकाता पुस्तक मेले में अर्जेंटीना बना सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र

किताबों से आगे संस्कृति तक: अर्जेंटीना स्टॉल ने खींचा पाठकों का ध्यान।

By रजनीश प्रसाद

Jan 24, 2026 22:48 IST

कोलकाता : 49वें कोलकाता अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में इस वर्ष फोकल थीम कंट्री के रूप में अर्जेंटीना को चुना गया है, जिसके चलते अर्जेंटीना का पवेलियन पूरे मेले का केंद्र बिंदु बनकर उभरा है। आकार में सबसे बड़ा यह स्टॉल केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर अर्जेंटीना की भाषा, साहित्य, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक रूप में प्रस्तुत करता नजर आया। स्टॉल में पुस्तकों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, जिनमें से कई पुस्तकें केवल प्रदर्शनी के लिए रखी गई हैं और उन पर “नॉट फॉर सेल” का टैग लगा हुआ है। इसके बावजूद यहां दिनभर भारी भीड़ देखने को मिली।

अर्जेंटीना की प्रमुख भाषा स्पेनिश में लिखी गई पुस्तकों के साथ-साथ उनके बंगला अनुवाद भी प्रदर्शित किए गए हैं। इन अनूदित कृतियों को पाठकों ने विशेष रुचि के साथ अपनाया और इनकी बिक्री भी उल्लेखनीय रही। पूरे पवेलियन में दीवारों पर लगाए गए लेख और सूचनात्मक पैनल भारत और अर्जेंटीना के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करते हैं। इनमें रवींद्रनाथ टैगोर की अर्जेंटीना यात्रा से लेकर दोनों देशों के साहित्यिक संवाद तक का उल्लेख है।

स्टॉल के भीतर एक छोटा सभागार भी बनाया गया है जहां स्पेनिश और अर्जेंटीना के लेखक अपनी पुस्तकों और रचनात्मक अनुभवों पर चर्चा कर रहे हैं। खास बात यह रही कि कोलकाता के कुछ बच्चे और स्पेनिश भाषा से परिचित स्थानीय निवासी कविताओं और संगीत की प्रस्तुतियों के जरिए इस सांस्कृतिक संवाद का हिस्सा बने।

पवेलियन में अर्जेंटीना के महान लेखक जॉर्ज लुइस बोर्गेस और प्रसिद्ध फोटोग्राफर सारा फासियो के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। साथ ही ब्यूनस आयर्स के इतिहास, स्पेनिश भाषा की वैश्विक पहुंच, अर्जेंटीना की स्वतंत्रता, फुटबॉल विरासत और सामाजिक परंपराओं से जुड़ी जानकारियां भी प्रदर्शित हैं।

कुल मिलाकर अर्जेंटीना स्टॉल ने यह साबित किया कि पुस्तक मेला केवल किताबों की खरीद-बिक्री का मंच नहीं, बल्कि संस्कृतियों के बीच जीवंत संवाद का सशक्त माध्यम भी है।

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रिकॉर्ड 32 लाख पाठकों संख्या के साथ संपन्न हुआ कोलकाता पुस्तक मेला

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