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कोलकाता अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में इंडो हिस्पैनिक लैंग्वेज अकैडमी का अनोखा संगम

ग्वाटेमाला, कोस्टा रिका और अफ्रीका से शिक्षा का सेतु बना कोलकाता, स्पेनिश और अफ्रीकी भाषाओं की ओर छात्रों का बढ़ता रुझान।

By रजनीश प्रसाद

Jan 26, 2026 10:00 IST

कोलकाताः कोलकाता में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में इस वर्ष भाषा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिल रहा है। गेट नंबर 2 के पास स्थित स्टॉल नंम्बर एफ 2 मेें इंडो हिस्पैनिक लैंग्वेज अकैडमी के द्वारा ग्वाटेमाला, कोस्टा रिका और कई अफ्रीकी देशों के प्रतिनिधि समन्वयक के रूप में उपस्थित हैं। यह अकैडमी उन छात्रों के लिए विशेष रूप से कार्य कर रही है जो कोस्टा रिका, ग्वाटेमाला, अफ्रीकी देशों अथवा स्पेनिश भाषी देशों में शिक्षा या करियर के अवसर तलाशना चाहते हैं।

स्टॉल पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि अकैडमी केवल दो देशों तक सीमित नहीं है बल्कि सभी अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग कर रही है। कोलकाता और अफ्रीकी देशों के बीच शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जिससे दोनों ओर के छात्रों को भाषा, संस्कृति और शिक्षा संबंधी सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने बताया कि पांच अफ्रीकी छात्रों और पांच कोलकाता के छात्रों ने मिलकर एक साझा पुस्तक लिखी है जिसमें पांच महत्वपूर्ण प्रश्नों के माध्यम से दोनों संस्कृतियों की सोच को प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक स्टॉल पर उपलब्ध है। इसके अलावा अर्जेंटीना के एक पब्लिशिंग हाउस के साथ मिलकर प्रकाशित पुस्तकों का भी प्रदर्शन किया जा रहा है जिनका हाल ही में अर्जेंटीना के राजदूत द्वारा लोकार्पण किया गया।

स्टॉल पर स्पेनिश भाषा की शुरुआती, मध्यम और उन्नत स्तर की पुस्तकें भी उपलब्ध हैं। लैटिन अमेरिका के समकालीन साहित्य और बंगाली पत्रिका ‘संग्लाप’ ने भी पाठकों का ध्यान आकर्षित किया है, जिससे यह स्टॉल पुस्तक मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो गया है।

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रिकॉर्ड 32 लाख पाठकों संख्या के साथ संपन्न हुआ कोलकाता पुस्तक मेला

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