कोलकाता : अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला 2026 के अंतर्गत 30 जनवरी को ‘सीनियर सिटीजन डे’ यानी ‘चिरो तरुण दिवस’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों की साहित्यिक सक्रियता और सांस्कृतिक योगदान को रेखांकित करने वाले विशेष कार्यक्रम आयोजित हुए। कार्यक्रम का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले में स्थित एसबीआई सभागार में किया गया जहाँ साहित्य, प्रकाशन और पाठन जगत से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
‘चिरो तरुण’ दिवस मनाने का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को केवल आयु के आधार पर नहीं बल्कि उनके अनुभव, ज्ञान और सृजनशीलता के माध्यम से सदैव युवा मानने की भावना को प्रबल करना था। पब्लिशर्स एंड बुकसेलर्स गिल्ड के अध्यक्ष श्री सुधांशु शेखर डे ने अपने संबोधन में कहा कि लेखक और पाठक कभी बूढ़े नहीं होते वे विचारों और रचनात्मकता के कारण हमेशा युवा रहते हैं। उन्होंने मंच पर उपस्थित सभी वरिष्ठ नागरिकों का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया जिसमें वरिष्ठ कवि मृदुल दासगुप्ता, रूपा पब्लिकेशन के प्रकाशक राजेंद्र कुमार मेहरा तथा निर्मल कांति भट्टाचार्य को उनके साहित्यिक योगदान और पुस्तक संस्कृति के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। मृदुल दासगुप्ता ने अपने लेखन अनुभवों को श्रोताओं के साथ साझा किया और अपनी कुछ चर्चित कविताओं का पाठ कर वातावरण को भावनात्मक बना दिया।
रूपा पब्लिकेशन के राजेंद्र कुमार मेहरा ने मंच से अपने संबोधन में कहा कि वे हिंदी भाषी हैं और बंगला भाषा में पूरी दक्षता नहीं रखते फिर भी उन्होंने बंगाल की धरती पर अपनी बात रखने का प्रयास किया। उन्होंने रूपा पब्लिकेशन के इतिहास और उसके साहित्यिक सफर के बारे में जानकारी दी जिसे श्रोताओं ने सराहा।
कार्यक्रम के अंत में सुधांशु शेखर डे ने उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे पुस्तक मेले से पुस्तकें खरीदें उन पर अपना हस्ताक्षर और तारीख लिखकर उन्हें अपने बच्चों या नाती-पोतों को भेंट करें ताकि आने वाले वर्षों में वे पुस्तकें एक यादगार और सांस्कृतिक धरोहर बन सकें। इस संदेश के साथ ‘चिरो तरुण दिवस’ का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।