कोलकाता : अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले के अंतर्गत प्रकाशक और पुस्तक विक्रेता संघ द्वारा आयोजित शताब्दी समारोह में महान संगीतकार, कवि और विचारक सलिल चौधरी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। “सलिल चौधरी : प्रकाश के पथ प्रदर्शक” की स्मृति में कविता, गाना और बातचीत पर आधारित यह विशेष कार्यक्रम एसबीआई ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 6:00 बजे हुई जिसमें बड़ी संख्या में साहित्य, संगीत और कला प्रेमी उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सलिल चौधरी जी की सुपुत्री अंतरा चौधरी रहीं। उनके साथ मंच पर कल्याण सेन बाराट, सप्तक सनाई, तन्मय चक्रवर्ती और आनंदिता मित्र उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत में अंतरा चौधरी ने अपने पिता को याद करते हुए उनके जीवन से जुड़ी छोटी-छोटी लेकिन गहरी स्मृतियों को दर्शकों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि सलिल चौधरी न केवल एक महान रचनाकार थे, बल्कि मानवीय मूल्यों और सच्चाई के प्रति गहरी प्रतिबद्धता रखने वाले व्यक्तित्व भी थे।
इसके बाद कल्याण सेन बाराट ने सलिल चौधरी को “बड़े भाई” की तरह याद करते हुए कहा कि वे हमेशा यह मार्गदर्शन करते थे कि क्या लिखना है और कैसे लिखना है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि सच में सलिल चौधरी जैसे व्यक्ति का जन्म पूरे एक शताब्दी में केवल एक बार होता है।
संगीतमय श्रद्धांजलि के क्रम में सप्तक सनाई ने सलिल चौधरी द्वारा रचित और गाए गए कुछ अमर गीतों को प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत एक बंगाली गीत से की, जिस पर पूरा सभागार झूम उठा। इसके बाद उन्होंने हिंदी गीत भी प्रस्तुत किया, जिससे माहौल और भी भावनात्मक हो गया। बातचीत, कविता पाठ और संगीत के इस सुंदर संगम ने पूरे कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। अंत तक दर्शक आनंद और खुशी से सराबोर नजर आए।